1.4 करोड़ एंड्रायड डिवाइसों में फैला ये Virus, इन कंपनियों के फोन पर नहीं होता असर

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जालंधरः इजरायल की एक आईटी सुरक्षा प्रदाता कंपनी चेकप्वाइंट ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि इस मॉलवेयर से ज्यादा दक्षिणपूर्व एशिया के यूजर्स प्रभावित हुए, जबकि अमेरिका में इसने 2,80,000 एंड्रायड यूजर्स को निशाना बनाया गया है। लेकिन अभी तक इस बात का खुलासा नहीं हुआ है कि  कॉपीकैट अटैक के पीछे किसका हाथ है।ब्लॉग पोस्ट में कहा गया, यह मॉलवेयर चीनी डिवाइसों को निशाना बनाने से बच रहा है, इससे यह संकेत मिलता है कि इसे विकसित करनेवाले चीन के हो सकते हैं, क्योंकि वे नहीं चाहते होंगे कि स्थानीय कानून प्रर्वतन एजेंसियां इसकी जांच करे।

आपको बता दें कि शोधकर्ताओं ने Locky रंसोमवेयर नाम के ऐसे मैलवेयर की खोजा है जो फेसबुक और लिंक्डइन पर फोटो को आपके कंप्यूटर को हैक करने के लिए इस्तेमाल करता है। यह एक ऐसी ट्रिक्स हैं जो ब्राउजर को मालिशियसली कोडेड इमेज फाइल को डाउनलोड करने के लिए मजबूर करता है। इससे आपके सिस्टम को हाईजैक किया जा सकता है।

हैकर्स मैलवेयर का ज्यादातर उपयोग कंप्यूटर पर किसी के अकाउंट और गोपनीय जानकारी को हासिल करने के लिए किया करते हैं। इसके अलावा ब्राउजर या आॅपरेटिंग सिस्टम के आधार पर भी किसी के भी कंप्यूटर को हैक करने की कोशिश की जाती है। लेकिन कभी-कभी सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट्स के जरिए आपके कंप्यूटर में मैलवेयर भेज कर उसें हैक किया जा सकता है। 

इन सबके अलावा अगर आपके फोन या टैब में वाइरस है तो सबसे पहले ऐप्स चेक करें। गूगल प्ले स्टोर से बाहर का कोई भी ऐप डाउनलोड ना करें। अगर कोई ऐप खोलने पर फोन हैंग हो रहा हो या अजीब तरीके से व्यवहार कर रहा हो, संभावना है कि वह वाइरस हो। उसे हटाने की कोशिश करें, अगर कोई दिक्कत आए तो समझ जाइए कि यह मालवेयर है।