2022 तक भारत का मोबाइल गेमिंग बाजार हो सकता है 40 करोड़ डालर के पारः रिपोर्ट

Punjab Kesari

जालंधर: युवा पीढ़ी में गेमिंग का क्रेज इतना बढ़ गया है कि 2022 तक भारत का मोबाइल गेमिंग बाजार 40 करोड़ डालर के पार पर पहुुंच जाएगा। एक रिपोर्टके मुताबिक, फ्रीमियम और वचुर्अल रीयल्टी गेम्स की स्वीकार्यता बढऩे से आगामी वर्षों में मोबाइल गेमिंग बाजार तेजी से बढ़ेगा।  

फ्रीमियम एेसा कारोबारी माडल है जिसमें मूल सर्विस फ्री उपलब्ध कराई जाती हैं और अधिक आधुनिक फीचर्स के इस्तेमाल के लिए भुगतान करना पड़ता है। सीआईआई-टेकसाई की शोध रिपोर्ट के अनुसार बीते साल मोबाइल आधारित गेमिंग से राजस्व 26.58 करोड़ डालर रहा और 2017 में इसके 28.62 करोड़ डालर पर पहुुंच जाने की उम्मीद है। इसमें कहा गया है कि देश में मोबाइल गेमर्स की संख्या 2015 में 19.8 करोड़ थी जिसके 2020 तक बढ़कर 62.8 करोड़ और 2030 तक 1.16 अरब पर पहुंच जाने की उम्मीद है।   

रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के गेमिंग उद्योग में बदलाव आया है और देश में वायरलेस कनेक्टिविटी में सुधार की वजह से इसका रझान कंसोल गेमिंग से मोबाइल गेमिंग की आेर हुआ है। कुल मिलाकर 2016 में भारत का गेमिंग उद्योग 54.3 करोड़ डॉलर का था और इसके 2022 तक 80.1 करोड़ डालर हो जाने की उम्मीद है।