पैसों की समस्या से छुटकारा पाने में मदद करेंगी ये एप्स

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जालंधर - 500 और 1000 रुपए के नोट बंद करने से लोगों की आर्थिक स्थिति गड़बड़ा गई है, लेकिन फिक्र ना करें, कुछ ऐसी ई-वॉलेट एप्‍स हैं, जो नोटों की समस्‍या से निजात दिला सकती हैं। हमने एप्स की एक सूची बनाई है ताकि मौजूदा हालत में आपकी मदद की जा सके।

JioMoney Wallet: जियो मनी में दो प्रकार के अकाउंट ओपन होते हैं। बेसिक अकाउंट के जरिए आप महीने में 10 हजार रुपए तक का लेनदेन कर सकते हैं जिसमें किसी दस्‍तावेज की जरूरत नहीं होती। हालांकि आप एडवांस अकाउंट खुलवाकर उसमें 1 लाख रुपए तक जियो अकाउंट में रख सकते हैं एवं एक महीने में 1 लाख से अधिक अनलिमिटेड लेनदेन कर सकते हैं। इस एप्प से आप बीमा किश्‍त, मोबाइल बिल, डीटीएच रिचार्ज और धनराशि आदि ट्रांसफर कर सकते हैं।

Chillr: इस एप्प को आप अनेक खातों से लिंक कर सकते हैं। इसके जरिए आप मनी ट्रांसफर का आवेदन एक से अधिक बैंक खातों के लिए भेज सकते हैं। यह एप्प एचडीएफसी बैंक की ओर से बनाई गई है।

Mobikwik: अगर आप डेबिट या क्रेडिट कार्ड इस्‍तेमाल नहीं करना चाहते या नेट बैंकिंग से खाते को लिंक नहीं करना चाहते तो आप इसके ज़रिए बैंक में कैश जमा करवा सकते हैं। अन्‍य ऐप्‍स की तरह इसमें भी डीटीएच, मोबाइल रिचार्ज, यात्रा बुकिंग, बैंकिंग जैसी सुविधाएं मिलेंगी।

Airtel money: टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर एयरटेल की ओर से बनाई गई ये एप्प यूजर को एमपिन के बिना भी लेनदेन करने की सुविधा देती है। इससे यूजर्स को अपनी लोकेशन के आधार पर लेनदेन करने एवं व्‍यापारियों को उस एरिया में दुकान, रेस्‍टोरेंट चलाने की सुविधा मिलती है।

Freecharge: यूटिलिटी बिल पेमेंट करने के लिए इस एप्प को यूज किया जा सकता है। इस एप्प में DTH औऱ मोबाइल रिचार्ज जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। 

Vodafone m-pesa: इस एप्प के जरिए देश में कहीं भी पैसा भेजा जा सकता है। यह आपको परिवार, दोस्‍तों के लिए पैसे भेजने का एक सुलभ तरीका बताता है। इसके अलावा इस एप्प से आप मोबाइल रिचार्ज और डीटीएच रिचार्ज आदि करवा सकते हैं।

Paytm: अधिकांश रिटेल स्‍टोर पर स्‍वीकृत यह देश की सबसे बेहतरीन ई-वॉलेट सेवाओं में से एक है। पेटीएम यूजर्स को प्रतिमाह उनके खाते में से 10 हजार रुपए खर्च करने की इजाजत देता है। हालांकि कंपनी यूजर्स को इसे 1 लाख रुपए तक बढ़ाने की पात्रता देती है जो कि आरबीआई की गाइडलाइन के अनुसार एक वेरिफिकेशन प्रोसेस के जरिए पूरी होती है।