वाहन उद्योग में लौटी बहार

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जालंधर : देश के वाहन उद्योग में नोटबंदी के बाद बहार लौट आई है। लगातार 3 महीने की गिरावट के बाद गत महीने देश में सभी श्रेणी के वाहनों की कुल बिक्री 0.94 प्रतिशत बढ़कर 17,19,699 पर पहुंच गई है। पिछले साल फरवरी में घरेलू बाजार में 17,03,736 वाहन बिके थे। पिछले साल 8 नवम्बर को सरकार द्वारा 500 और 1000 रुपए के पुराने नोटों को रातों-रात प्रचलन से बाहर कर दिए जाने के बाद नवम्बर में वाहनों की घरेलू बिक्री 5.48 प्रतिशत, दिसम्बर में 18.66 प्रतिशत तथा जनवरी में 4.71 प्रतिशत गिरी थी। 

4 महीने में पहली बार बढ़ी बिक्री :

वाहन निर्माता कंपनियों के संगठन सियाम के महानिदेशक विष्णु माथुर ने आज यहां बिक्री के आंकड़े जारी करते हुए कहा कि यात्री वाहनों तथा वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में 4 महीने में पहली बार फरवरी में स्थिर सुधार रहा है। दोपहिया वाहनों की बिक्री में भी गिरावट बेहद मामूली (0.01 प्रतिशत) रह गई है। हालांकि तिपहिया वाहनों में अभी भी बड़ी गिरावट बनी हुई है।

आंकड़ों के अनुसार इस साल फरवरी में घरेलू बाजार में कुल 2,55,359 वाहन बिके जो पिछले साल फरवरी के 2,34,244 से 9.01 प्रतिशत अधिक हैं। इसमें यात्री कारों की बिक्री 4.90 प्रतिशत बढ़कर 1,72,623 पर, एस.यू.वी. सहित उपयोगी वाहनों की बिक्री 21.79 प्रतिशत बढ़कर 65,877 पर तथा वैनों की बिक्री 8.10 प्रतिशत बढ़कर 16,859 पर पहुंच गई। 

दोपहिया वाहनों की बिक्री में मामूली गिरावट :

मोटरसाइकिलों की बिक्री घटने से इस साल फरवरी में दोपहिया वाहनों की बिक्री 0.01 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 13,62,045 इकाई रह गई। फरवरी, 2016 में यह आंकड़ा 13,62,177 रहा था। मोटरसाइकिलों की बिक्री लगातार चौथे महीने घटी है। 

माथुर ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था अभी नोटबंदी की चोट से पूरी तरह नहीं उबर पाई है जिससे मोटरसाइकिलों की बिक्री सर्वाधिक प्रभावित हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले 2-3 महीनों में पूरा वाहन उद्योग नोटबंदी के प्रभाव से पूरी तरह पार पा लेगा। हालांकि लगातार 3 महीने घटने के बाद स्कूटरों की बिक्री 3.70 प्रतिशत बढ़ गई है। वहीं मोपेड की बिक्री 15.99 प्रतिशत बढ़कर 77,053 इकाई पर रही।

बसों को छोड़कर अन्य वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री बढ़ी :

आलोच्य महीने में बसों को छोड़कर अन्य वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री बढ़ी है। बसों में जहां 5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, वहीं माल ढुलाई वाले भारी तथा मध्यम वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 6.78 प्रतिशत बढ़ी है। हल्के वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री भी 9.38 प्रतिशत बढ़ी है। 

दोनों श्रेणियों के वाणिज्यिक वाहनों की संयुक्त घरेलू बिक्री 7.34 प्रतिशत बढ़कर 66,939 इकाई पर पहुंच गई। तिपहिया वाहनों पर दबाव रहा तथा उनकी बिक्री 21.35 प्रतिशत गिरकर 35,356 इकाई रह गई। सारी श्रेणी के सभी वाहनों के कुल निर्यात में 20 महीने की सबसे बड़ी तेजी दर्ज की गई है। यह 11.84 प्रतिशत बढ़कर 2,85,265 इकाई रही।  

इसमें यात्री वाहनों का निर्यात 7.43 प्रतिशत, दोपहिया वाहनों का 19.29 प्रतिशत तथा मध्यम एवं भारी वाणिज्यिक वाहनों का 7.85 प्रतिशत बढ़ा है जबकि हल्के वाणिज्यिक वाहनों का निर्यात 16.02 प्रतिशत तथा तिपहिया वाहनों का 23.88 प्रतिशत घटा है।