व्हीकल चलाते समय ईंधन बचाने के आसान टिप्स

Punjab Kesari

जालंधर - भारत में व्हीकल खरीदते समय लोग सबसे ज्यादा ध्यान उसकी माइलेज पर देते है। पेट्रोल की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण ज्यादा माइलेज देने वाला व्हीकल लोगों की पहली पसंद बनता है। आज हम आपको कुछ ऐसे आसान टिप्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिनकी मदद से आप अपने व्हीकल की माइलेज बढ़ा सकते हैं। 

टायर प्रेशर की जांच करें -

टायर के उचित प्रेशर पर ध्यान देने से न सिर्फ आप फ्यूल की बचत कर सकते हैं बल्कि इससे व्हीकल की सुरक्षा भी बढ़ती है। अगर ज्यादा लोड या वजन कैरी करना चाहते हैं तो व्हीकल हैंडबुक को पढ़कर उसके मुताबिक टायर प्रेशर में सुधार करें।

समय रहते सर्विस -

व्हीकल की समय पर सर्विस और सही रखरखाव से इसकी माइलेज को बढ़ाने में मदद मिलती है क्योंकि गाड़ियों के घूमने वाले हिस्से जैसे इंजन और गियरबॉक्स को लुब्रिकेशन की जरूरत होती है। ऐसा नहीं करने पर इसका असर कार की माइलेज पर पड़ता है। इसके अलावा इंजन ऑइल चेंज, कूलैंट ऑइल का लेवल और चेन लुब्रिकेशन पर खास तौर पर ध्यान देना चाहिए।

गाड़ी खड़ी का इंजन बंद करें -

अगर आप ट्रैफिक में 10 सेकंड्स से ज्यादा समय से फंसे हुए हैं तो कार का इग्निशन बंद कर दें, इससे फ्यूल बचेगा। इस गलतफहमी में न रहें कि फिर से इंजन चालू करने पर ज्यादा फ्यूल खर्च होगा।

जीपीएस का उपयोग करें -

इन दिनों जीपीएस गैजेट्स पर बिजी इंटरसेक्शंस, ट्रैफिक अपडेट्स और किसी रूट पर डाइवर्जन की सूचना मिल जाती है। जिस रूट पर ट्रैफिक है, उससे बचने और छोटे रूट का पता लगाने के लिए जीपीएस का इस्तेमाल करें।

कलच का ज्यादा इस्तेमाल न करें -

जहां कलच की जरूरत न हो, वहां इसका इस्तेमाल न करें। नए व्हीकल चलाने वाले अकसर कलच पर ज्यादा जोर देते हैं। इससे ज्यादा फ्यूल खर्च होता है और इससे आपकी कलच प्लेट भी खराब हो सकती है। इंजन पर ज्यादा जोर न पड़े, इसके लिए गाड़ी चलाते समय लोअर गियर का इस्तेमाल करें और धीरे-धीरे इसे बढ़ाएं। उदाहरण के तौर पर अगर 150 सीसी इंजन वाले व्हीकल को 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तीसरे गियर में चलाते हैं तो ठीक है, इससे ऊपर जाने पर इंजन पर जोर पड़ेगा और इससे माइलेज पर असर पड़ेगा।