बंद हो सकती है नैनो, टाटा मोटर्स नैनो प्लेटफॉर्म में नहीं दिखा रही दिलचस्पी

Punjab Kesari

जालंधरः टाटा मोटर्स अपनी सबसे छोटी कार नैनो को भारत स्टेज 4 उत्सर्जन मानदंडो के अनुरूप संभवतः उन्नत नहीं बनाएगी जबकि अप्रैल 2020 से इसे देशभर में अनिवार्य तौर पर लागू किया जाएगा। इससे लगता है कि घरेलू बाजार से यह कार धीरे-धीेरे खत्म हो जाएगी। 

हालांकि अलग उत्सर्जन मानदंड वाले बाजारों में उसका निर्यात किया जा सकता है। लेकिन इसके निर्यात के हालिया आंकड़ों से बहुत अधिक उम्मीद नहीं दिख रही है। पूरे वित्त वर्ष 2016-2017 के दौरान टाटा मोटर्स ने महज 595 नैनो का निर्यात किया गया है। 

कंपनी प्रवक्ता का कहना है कि हैचबैक श्रैणी कंपनी के लिए काफी महत्वपूर्ण है और इस श्रैणी के के विभिन्न उपखंडो को परिभाषित करने में कानून एंव ग्राहकों के पसंद की उल्लेखनीय भूमिका होने जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रमुख बाजारों में ग्राहकों की मांग को पूरा करने के लिए हम नैनो का उत्पादन जारी रखेंगे।

विभिन्न सूत्रो का कहना है कि टाटा मोटर्स को टियोगी हैचबैग और टिगौर सिडैन जैसे नए कार मॉडल को बाजार में जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है और इसलिए वे नैनो प्लेटफॉर्म में निवेश नहीं करना चाहती है। टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री ने कहा था कि नैनो परियोजना से कंपनी को कुल 6,400 करोड़ रूपए का नुकसार हो चुका है। 

निवेश की जरूरत नैनो को न केवल बीएस4 उत्सर्जन मानदंड के अनुरूप उन्नत बनाने के लिए बल्कि 2019 से सभी कारों के लिए अनिवार्य क्रैश परीक्षण के लिए भी निवेश की दरकार होगी। कुल मिलाकर नए उत्सर्जन एंव सुरक्षा मानदंडों के लागू होने से कारों के दाम 1 लाख रूपए तक बढ़ सकते हैं। ऐसे में नैनो संभावित खरीदारों के लिए अधिक आकर्षक नहीं रह जाएगी। 

कंपनी ने अभी तक आपूर्तिकर्ताओं को नैनो के लिए बीएस4 मानदंड वाले उपकरणों की आपूर्ति के लिए नहीं कहा है। पहचान जाहिर न करने की शर्त पर साणंद संयंत्र के एक आपूर्ति कर्ता ने कहा, नैनो के लिए बीएस4 मानदंड के अनुरूप उपकरण तैयार करने के लिए टाटा मोटर्स ने हमें अभी तक नहीं कहा है। 

डीलरों ने संकेत किया कि कंपनी अपने अगले पीड़ी के मॉडलों पर ध्यान कैंद्रित कर रही है और नैनो ब्रांड को पुनर्जीवित के लिए उसने कोई रणनीति योजना नहीं बनाई है। 

इससे पहले मार्च में नैनो की ब्रिकी 174 वाहनों के सर्वकालिक निचल स्तर तक लुढ़क गई थी। हालांकि अगले दो महीने के दौरान उसकी ब्रिकी में थोड़ा सुधार दिखा जो फिलहाल करीब 300 वाहन प्रति महीने है।