इस वजह से उभरी होती हैं की-बोर्ड की F और J Keys

Punjab Kesari

जालंधर : डैस्कटॉप या लैपटॉप का उपयोग करते समय क्या आपने कभी सोचा है कि इसके की-बोर्ड की F और J कीज़ कुछ उभरी हुई क्यों हैं। दरअसल F और J बटनों पर ये उभार इसलिए दिए जाते हैं, ताकि आप की-बोर्ड को देखे बिना अपनी उंगलियों को सही पोजीशन में रखते हुए टाइप कर सकें । इन उभारों को महसूस करने से ही आप अपने हाथों को टाइप करने की एकदम सही पोजीशन में ला सकते हैं।

keys 2

की-बोर्ड पर अंग्रेजी व हिंदी में टाइपिंग करते समय आपके बाएं हाथ की इंडैक्स फिंगर (तर्जनी) F पर होती है, बाकी उंगलियां (कनिष्ठा, मध्यमा और अनामिका) A, S और D बटनों पर होती हैं। दाएं हाथ की इंडैक्स फिंगर (तर्जनी) जब J पर होती है तो बाकी उंगलियां K, L और कॉलन (;) पर रहती हैं। आपके दोनों हाथों के अंगूठे इस दौरान स्पेस बार पर होते हैं। इस तरह से दोनों हाथ रखने पर आप सभी बटनों तक आसानी से पहुंच बना सकते हैं और बिना की-बोर्ड की तरफ देखे तेजी से टाइपिंग कर सकते हैं। 

keys 3

इन उभारों का आविष्कार ज्यून ई बॉटिश (June E. Botich) ने किया था। फ्लोरिडा की रहने वालीं बॉटिश ने इस मॉडिफिकेशन को अप्रैल 2002 में पेटैंट करवाया था। ऐसे उभरे हुए निशान आपको सैल फोन के कीपैड में भी देखने को मिलते हैं। अगर आपके पास कीपैड वाला बार फोन है तो आपने नम्बर 5 पर थोड़ा सा उभार देखा होगा। यह निशान आपको बिना देखे कीपैड वाला मोबाइल चलाने में मदद करता है।