Nokia और Blackberry की मार्केट में वापसी, 200 करोड़ के निवेश से करेंगे शुरूआत

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जालंधर - एक वक्त में भारत के मोबाइल मार्कीट पर राज करने वाले नोकिया और ब्लैकबेरी के फोन्स जून में फिर वापसी कर रहे हैं। दोनों फोन कंपनियों के नए मालिक 200-200 करोड़ के निवेश के साथ इन्हें भारत के स्मार्टफोन मार्कीट में लांच करने जा रहे हैं। इंडस्ट्री ने दो सीनियर अधिकारियों ने बताया कि दोनों कंपनियों का फोकस लोगों को उन पुराने 'सुनहरे दिनों' की याद दिलाने पर रहेगा जब हर दूसरे हाथ में इन्हीं कंपनियों के फोन हुआ करते थे। 

कंपनी का मकसद स्मार्टफोन्स की बिक्री बढ़ाना 

नोकिया ब्रैंड का लाइसेंस खरीदने वाली फिनलैंड की कंपनी एच.एम.डी. ग्लोबल नोकिया के सबसे पुराने फोन 3310 को इस महीने के अंत तक लांच करेगी। इसके पीछे कंपनी की रणीनीति यह है कि इस मॉडल के फोन के जरिए नोकिया ब्रैंड फिर से चर्चा में लाया जाए। कंपनी का असली मकसद अपने स्मार्टफोन्स की बिक्री को बढ़ाना है। कंपनी की योजना तीन स्मार्टफोन मॉडल्स लॉन्च करने की है जिनमें से नोकिया 6 मॉडल को सिर्फ ऑनलाइन बेचा जाएगा। 

हैंडसेट्स की मजबूती और स्मार्टफोन्स की सुरक्षा पर होगा फोकस

 ब्लैकबेरी के फोन भी 200 करोड़ के निवेश के साथ मार्कीट में वापसी कर रहे हैं। कंपनी के चेयरमैन अशोक गुप्ता ने बताया कि ब्रैंड की रीलॉन्चिंग के बाद सीधे मार्केट में उतरने से पहले कंपनी उद्यमी ग्राहकों पर फोकस करेगी और फोन्स को रिटेल चेन्स के जरिए बेचा जाएगा। कंपनी जून में 40,000 रुपए का एक फोन मॉडल लांच करेगी और फिर जुलाई में 20,000 रुपए वाला।

नोकिया और ब्लैकबेरी की भारत के मार्कीट में दोबारा एंट्री ऐसे वक्त में हो रही जब मार्कीट पर सैमसंग और ओप्पो, वीवो, लेनेवो जैसे कई दूसरे चाइनीज ब्रैंड के फोन्स का कब्जा है। भारत में स्मार्टफोन्स के मार्केट पर 70% कब्जा चाइनीज फोन्स का ही है। ऐसे में नोकिया जहां अपनी हैंडसेट्स की मजबूती और सॉफ्टवेयर अपडेट्स पर फोकस करेगा, वहीं ब्लैकबरी स्मार्टफोन्स की सुरक्षा को अपना हथियार  बनाएगा।