सैमसंग के कर्ताधर्ता ली की गिरफ्तारी पर विचार कर रही है सोल की अदालत

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जालंधर - दक्षिण कोरिया की एक अदालत इस बारे में विचार कर रही है कि देश के सबसे धनवान उद्योगपतियों में शामिल सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के उपाध्यक्ष ली जा-यंग को रिश्वतखोरी और अन्य अपराधों के आरोपों में गिरफ्तारी करने की मंजूरी दी जाए या नहीं। सैमसंग के चेयरमैन के इकलौते बेटे ली आज सोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट पहुंचने और वहां से जाते वक्त इंतजार कर रहे संवाददाताओं से बात नहीं की। चार घंटे की सुनवाई के बाद उन्हें अदालत के फैसले का इंतजार करने के लिए सोल के पास एक डिटेंशन सेंटर में ले जाया गया। अदालत के प्रवक्ता शिन जान-ह्वान ने कहा कि अगर ली की गिरफ्तारी की मंजूरी दी जाती है तो अभियोजक उन्हें 21 दिन तक के लिए हिरासत में रख सकते हैं और उसके बाद उन पर औपचारिक रूप से आरोप तय किए जा सकते हैं।

न्यायाधीश गिरफ्तारी के वारंट पर फैसला गुरूवार को सुबह करेंगे। हालांकि इसका एकदम सही समय अभी साफ नहीं है। सैमसंग दक्षिण कोरिया के सबसे बड़े परिवार द्वारा संचालित कंपनी है। यह कंपनी उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों, जहाज निर्माण और जीवन बीमा के कारोबार में है। यह कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी स्मार्टफोन और कंप्यूटर मेमोरी चिप निर्माता कंपनी भी है। 

इस घोटाले में संलिप्तता के आरोपों के चलतेे पहले से ही कंपनी इस साल चुनौती का सामना कर रही है। इस स्कैंडल की वजह से 2016 में राष्ट्रपति पार्क गियुन-हाई पर महाभियोग चला। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स को गैलेक्सी नोट 7 स्मार्टफोन को बाजार से हटाने समेत कई उत्पादों को वापस लेना पड़ा। अभियोजकों ने कथित तौर पर पार्क और उनके करीबी चोई सून-सिल को रिश्वत देने के मामले में ली की गिरफ्तारी का अनुरोध किया।  

उल्लेखनीय है कि ली के पिता को 2014 में दिल का दौरा पडऩे के बाद से ली ही सैमसंग के अघोषित प्रमुख के तौर पर कामकाज देख रहे हैं। 48 साल के ली पर चोई और राष्ट्रपति को 43 अरब वोन :करीब 3.6 करोड़ डॉलर: की रिश्वत देने का आरोप है। साल 2015 में सैमसंग कंपनी के एक विवादास्पद विलय के लिए सरकार का समर्थन पाने के लिहाज से कथित तौर पर यह घूस दी गई थी।