दूसरे ग्रह पर 200 दिनों तक रहने के लिए चीन ने शुरू किया प्रयोग

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जालंधर : चीन की बीजिंग यूनिवर्सिटी के छात्रों ने एक ऐसा एक्सपैरिमेंट शुरू किया है जो ब्रह्माण्ड के अन्य ग्रहों पर जीने के लिए जरूरी संसाधन पैदा करने में मदद करेगा। चार छात्रों द्वारा किए जा रहे इस 200 दिनों तक चलने वाले एक्सपैरिमेंट में बिना सूर्य की किरणों के इन्सान के जीने की जरूरतों को पूरा किया जाएगा और देखा जाएगा कि मानव इन किरणों के बिना कितने दिनों तक जीवित रह सकता है। यूनिवर्सिटी के छात्रों ने इस एक्सपैरिमेंट को लूनर प्लेस 365 नाम दिया है जो चंद्रमा या मंगल जैसे ग्रह पर भी पौधों से ऑक्सीजन पैदा करने व मूत्र को रीसाइक्लिंग कर पीने के पानी में बदलने मेें मदद करेगा।

इस एक्पैरिमेंट को करने के लिए फिलहाल छात्रों को कई तरह की चुनौतियां दिख रही हैं। उनका का कहना है कि इसे पूरा करने के लिए उन्हें अपने आप को प्रेरित कर कई तरह के डेली टास्क पूरे करने होंगे। फिलहाल वे इस एक्सपैरिमेंट को पूरा करने के लिए दोस्तों और परिवार से अलग एक छोटी सी जगह में रह रहे हैं ताकि वे ये देख सकें कि सूर्य के प्रकाश के बिना वे कितने समय तक ठीक रह सकते हैं। ऐसा करने पर उनका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य तो प्रभावित हो सकता है लेकिन वे इस महत्वपूर्ण रिसर्च को पूरा करने के लिए इसके लिए भी तैयार हैं। 

चीन के लिए सबसे महत्वपूर्ण है यह टैस्ट

इस टैस्ट से चीन यह जान जाएगा कि सूर्य की किरणों के बिना इंसान का शरीर कैसे प्रतिक्रिया देता है और फिर वह अमरीका और रशिया में चल रहे अंतरिक्ष कार्यक्रमों की तरह ही नई उपलब्धियों को प्राप्त करने की कोशिश करेगा। यह टैस्ट चीन के लिए एक महत्वपूर्ण टैस्ट होगा और आने वाले समय में चीन को इसका काफी फायदा होगा।