ऊंची आवाज पर गाने सुनने से युवाओं को हो रही है बहरेपन की समस्या: आईएमए

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जालंधर : ऊंची आवाज में संगीत सुनना आज के दौर में एक फैशन सा बन गया है। लेकिन यह आदत युवाओं की सेहत के लिए बेहद गंभीर खतरे की वजह बन रही है। यह उनके कान के पर्दे को क्षतिग्रस्त कर सकती है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने शोर से होने वाली बहरेपन की समस्या के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए ‘सेफ साउंड इनिशिएटिव’ की शुरुआत की है। 

आईएमए का कहना है कि कई युवा (कानों में गुनगुनाहट की समस्या) की शिकायत लेकर अस्पताल आ रहे हैं। यह समस्या इयरफोन, हेडफोन और मोबाइल फोन जैसे गैजेट के लंबे समय तक उपयोग करने के बाद पैदा हो रही है। इनके लगातार इस्तेमाल के कारण ‘थर्मल एंड हाई फ्रीक्वेंसी हीयरिंग लॉस’ का खतरा पैदा हो रहा है।

इस विषय पर आज यानी रविवार (12 मार्च) को नई दिल्ली के ली मेरिडियन होटल में आईएमए द्वारा आयोजित ‘सेफ साउंड इनिशिएटिव’ पर आयोजित दूसरी नेशनल कॉन्फ्रेंस में विचार विमर्श किया जाएगा। सम्मेलन के एजेंडे में स्वास्थ्य, कानूनी और संगठनात्मक मुद्दों के साथ-साथ शोर की समस्या के वित्तीय पहलू भी शामिल होंगे।