कीर्तन क्रिया से बढ़ सकती है याद्दाश्त

Punjab Kesari

जालंधर: ध्यान की साधारण प्रक्रिया कीर्तन क्रिया और संगीत से याद्दाश्त और क्रियाकलापों में उल्लेखनीय रूप से सुधार आ सकता है। याददाश्त और सामान्य व्यवहार वे स्थितियां हैं जो अल्जाइमर के शुरूआती चरण में प्रभावित होती हैं और इससे अल्जाइमर के शुरूआती चरणों का संकेत मिलता है।   

अमरीका की वेस्ट वर्जीनिया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने सब्जेक्टिव कॉग्निटिव डिक्लाइन (एससीडी) से पीड़ित 60 बुजुर्गों को शोध में शामिल किया । इन लोगों को दो समूहों में बांटा गया, एक समूह को कीर्तन क्रिया वाले कार्यक्रम में रखा गया और दूसरे को संगीत वाले कार्यक्रम में शामिल किया गया। इन लोगों से कहा गया कि वह 12 हफ्तों तक प्रति दिन 12 मिनट कीर्तन क्रिया या संगीत का अभ्यास करें।  

ध्यान और संगीत वाले दोनों ही समूहों के लोगों की स्मृति और सामान्य व्यवहार में खासा सुधार देखा गया। इसमें सामान्य व्यवहार की उस तरह की प्रक्रियाएं शामिल हैं जो डिमेंशिया जैसे रोगों के शुरूआती चरणों में प्रभावित होती हैं। इस अभ्यास के बाद लोगों की स्मृति और सामान्य व्यवहार में सुधार देखा गया जो छह माह तक जारी रहा।  दोनों समूह के लोगों की नींद, मूड, तनाव का स्तर और जीवन की गुणवत्ता भी बेहतर हुई। यह शोध जर्नल ऑफ अल्जामर्स डिसीज में प्रकाशित हुआ।