दवा की पूरी जानकारी डॉक्टर तक पहुंचाएगी दुनिया की पहली DIGITAL PILL

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Thursday, November 16, 2017-10:55 AM

जालंधर : रोगी द्वारा सही समय पर दवा न खाने व दवा की मात्रा पूरी न लेने से कई बार डॉक्टरों को मरीजों की स्थिति का पता लगाने में काफी दिक्कत होती है। मरीज कह तो देते हैं कि उन्हें दवा से फर्क नहीं पड़ा लेकिन वे यह नहीं बताते कि उन्होंने सही मात्रा में दवा ही नहीं खाई है जिससे डॉक्टर को मरीज की हालत समझने में काफी दिक्कत होती है। इसी बात पर ध्यान देते हुए दुनिया की पहली डिजिटल पिल यानी डिजिटली तरीके से काम करने वाली गोली को बनाया गया है जो दवा की मात्रा व समय की पूरी जानकारी वियरेबल पैच पर सैंड करेगी जिसके बाद यह पैच ब्लूटुथ के जरिए स्मार्टफोन एप पर पूरी जानकारी देगा। यह एप डाक्टर व घर के चार सदस्यों तक दवा से जुड़ी जानकारी पहुंचा देगी जिससे सही समय पर दवा खाई गई है या नहीं, इसका पता चल जाएगा। इस डिजिटल पिल को जापान की फार्मास्युटिकल कम्पनी ओतसुका और डिजीटल मैडीसिन सर्विस प्रोट्यिूस डिजिटल हैल्थ के साथ सांझेदारी कर बनाया गया है। 

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FDA ने दी अप्रूवल 
फूड एंड ड्रग एडमीनिस्ट्रेशन (FDA) ने दुनिया की पहली स्मार्ट पिल को अमरीका में उपयोग करने की अप्रूवल दे दी है। इस दवा की गोली को एब्लिफाई माईसाइट नाम दिया गया है। आपको बता दें कि इस गोली में सिलिकॉन, कॉपर और मैग्नीशियम से बनाया गया सैंसर लगा है जो पेट के अंदर मौजूद एसिड के संपर्क में आते ही एक्टिवेट हो जाता है और वियरेबल पैच पर संकेत भेजता है जिसके बाद पैच स्मार्टफोन एप पर पूरी जानकारी मुहैया करवाता है। इस एप के जरिए डॉक्टर रोगी का डाटा वैब पोर्टल के जरिए चैक कर सकता है व जरूरत पड़ने पर उसे सही सलाह भी दे सकता है। FDA ने एक स्टेटमैंट में बताया है कि इसकी मदद से उन मापदंडों पर भी इलाज किया जा सकेगा जिनके बारे में अब तक पता नहीं चलता था। इस डिजीटल पिल को दवा न खाने व भूल जाने के बारे में पता लगाने के लिए खास तौर पर बनाया गया है। इससे डॉक्टरों को अपने मरीजों को आसानी से मॉनिटर करने में मदद मिलेगी।  

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फिटनैस ट्रैकर का काम करेगा वियरेबल पैच
इस डिजिटल पिल को ट्रैक करने के लिए बनाए गए खास पैच से एक्टिविटी लैवल, स्लीपिंग पैटर्न, स्टैप्स टेकन, एक्टिविटी और हार्ट रेट को भी ट्रैक किया जा सकता है। यह डाटा एप में 7 दिनों तक रिकार्ड में रहता है। फिलहाल इस एब्लिफाई गोली को बाईपोलर डिसऑर्डर और डिप्रैशन के दौरान काम में लाया जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि इस डिजीटल पिल के बनने के बाद अब मैंटल हैल्थ कंडीशन को भी इम्प्रूव करने में मदद मिलेगी। 

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