बायोनिक आंख लाएगी दृष्टिहीनों की जिंदगी में खुशियां!

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जालंधर : अभी तक यह कामना की जा रही थी कि क्या दृष्टिहीन देख पाएंगे? लेकिन अब यह सपना भी सच होगा। ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा ने बायोनिक आंख के प्रयोग की मंजूरी दे दी है जिससे निकट भविष्य में दृष्टिहीन भी देख सकेंगे। इस बायोनिक आंख को आर्गुस-2 सिस्टम का नाम दिया गया है। 


ऐसे काम करेगी बायोनिक आंख 

एक रिपोर्ट के मुताबिक इस बायोनिक आंख में कैमरा और चिप लगी होगी। दृष्टिहीन व्यक्ति के रेटिना के पिछले हिस्से में एक चिप लगाई जाएगी। इसके बाद खास कैमरे से लैस चश्मा लगाने पर दृष्टिहीन भी देख पाएंगे। 

यह चश्मा दृश्यों को रिकार्ड करेगा और रेटिना के पिछले हिस्से में लगी कम्प्यूटर चिप तक इलेक्ट्रिक सिग्नल के रूप में पहुंचाया जाएगा। इस चिप में 2 इलेक्ट्रोड होंगे, जो रेटिना में मौजूद कोशिकाओं को सक्रिय कर दृश्यों का चित्र उकेरने और उसे मस्तिष्क के पास भेजने में मदद करेंगे। 


रेटिनाइटिस पिग्मेंटोसा पीड़ितों के लिए वरदान

रॉयल मैनचेस्टर हॉस्पिटल का दावा है कि यह बायोनिक आंख रेटिनाइटिस पिग्मेंटोसा से पीड़ित मरीजों के लिए वरदान साबित होगा क्योंकि इस बीमारी से रेटिना की प्रकाश ग्रहण कर आंखों के सामने के दृश्यों को भांपने की क्षमता खत्म हो जाती है।