ब्रेन ट्यूमर के इलाज में क्रांतिकारी बदलाव!

Punjab Kesari

जोखिम को कम करेगी एक नीडल

जालंधर : मस्तिष्क में ट्यूमर का पता लगाते समय ब्लड वैसल्स को नुक्सान से बचाने व ज्यादा रक्त का बह जाना सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। हाल ही में ब्रेन इमेजिंग तकनीक से हाई-टैक बायोप्सी नीडल (biopsy needle) विकसित की गई है जो सर्जनों को मस्तिष्क में हो रहे बदलावों का पता लगाने व मार्गदर्शन करने में मदद करेगी। इस तकनीक ने मैडीकल क्षेत्र में कुछ नई संभावनाओं को उजागर किया है। इस बायोप्सी नीडल के शिखर बिंदू पर ऑप्टिकल सैंसर व कैमरा लगाया गया है जो लाइव स्ट्रीमिंग करते हुए दिमाग के अंदरुनी हिस्सों को स्क्रीन पर शो करता है।

इंफ्रारैड लाइट से होगी स्कैनिंग

दिमाग के लिए यूज की जाने वाली इस कटिंग-एज इमेजिंग टैक्नोलॉजी को ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ एडिलेड ने विकसित किया है। हाई-टैक बायोप्सी नीडल में यूज किया गया कैमरा मानव के बाल के आकार का है। यह नीडल इंफ्रारैड लाइट का उपयोग कर टिश्यू को पास करते हुए ब्लड वैसल्स को स्कैन करती है व इसे स्पैशल कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर की मदद से मॉनीटर किया जाता है। 

12 रोगियों पर किया सफल परीक्षण 

सर चार्लिस गेयर्डनर अस्पताल (Sir Charles Gairdner Hospital) के सलाहकार न्यूरोसर्जन प्रोफैसर क्रिस्टोफर लिंड ने कहा है कि इस टूल से न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिल सकता है। साथ ही कहा गया कि यह तकनीक सुरक्षित सर्जरी करने के साथ-साथ इस क्षेत्र में हमने आज तक जो नहीं किया उसे करने में भी सक्षम बनाएगी। पिछले छह महीनों में पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के सर चाल्र्स गेयर्डनर अस्पताल में इस स्मार्ट नीडल का 12 रोगियों पर परीक्षण किया गया है जिसके बाद इस टैक्नोलॉजी को मनुष्यों के लिए सुरक्षित माना गया है। इस डिवाइस के निर्माताओं का कहना है कि इसे साल 2018 तक पेश किया जा सकता है।