जीमेल के बाद अब हैकर्स के निशाने पर आपका ई-वॉलेट

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जालंधर : हैकर्स हमेशा मालवेयर व एप्स की मदद से उपभोक्ता का डाटा चोरी करने के नए-नए तरीके ढूंढने में लगे रहते हैं। हाल ही में मिली जानकारी के अनुसार, जीमेल के बाद अब हैकर्स का मेन टारगेट यूजर्स के ई-वॉलेट और कमजोर पासवर्ड को अपना निशाना बनाना है। जिसके जरिए हैकर्स यूजर्स का पर्सनल डाटा और जरूरी जानकारी चुरा रहे हैं जो यूजर्स के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है।

मोबाइल वॉलेट एप्प पर मंडरा रहा खतरा 

नोटबंदी के बाद अब भारत में डिजीटल पेमैंट का उपयोग काफी बढ़ गया है। लोग पेमैंट एप्स की मदद से खरीदारी कर रहे हैं लेकिन डिजीटल पेमैंट के बढऩे से अब साइबर क्रिमिनल्स का मेन टारगेट ई-वॉलेट बन गया है। हाल ही में सिक्योरिटी फर्म स्न-स्द्गष्ह्वह्म्द्ग की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार, प्वाइंट ऑफ सेल्स (क्कह्रस्) डिवाइसिस और मोबाइल वॉलेट्स पर मालवेयर अटैक का खतरा मंडरा रहा है। इस वजह से भारतीयों के लिए बैस्ट सिक्योरिटी प्रोडक्ट्स का अपने डिवाइस में उपयोग करना जरुरी है। साथ ही में यह बताया गया है कि आज के  समय में स्मार्टफोन्स पर एयरपुश, फेकएप्प और एस.एम.एस. पे जैसे मुख्य खतरे मंडरा रहे हैं, जिन्हें सिक्योरिटी एप्स की मदद से कम किया जा सकता है।

जीमेल भी नहीं रही अब सुरक्षित : 

सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली ईमेल सर्विस जीमेल पर अब खतरा मंडरा रहा है। इन दिनों जीमेल अकाऊंट को फिशिंग स्कैम के जरिए हैक करने के कई मामले सामने आए हैं। यूं तो जीमेल में कई सिक्योरिटी फीचर्स हैं, लेकिन आपकी एक छोटी-सी गलती के चलते आपका अकाऊंट आसानी से हैक हो सकता है। जानकारी के मुताबिक,  हैकर्स फिशिंग के जरिए जीमेल की नकल तैयार कर देते हैं जिससे रोजमर्रा की जिंदगी में जीमेल का उपयोग करने वाला शख्स नकली और असल में फर्क नहीं कर पाता। ऐसे में यूजर अपना लॉगइन आईडी, यूजर नेम और पासवर्ड नकली वैबपेज पर डाल देता है और इसी तरह से हैकर्स आसानी से यूजर का आईडी और पासवर्ड हैक कर लेते हैं। 

उल्लेखनीय है कि जीमेल में यूजर्स अपनी निजी मेल, दस्तावेज, फोटो और वीडियो को सेव रखते हैं। अगर ऐसे में आपका जीमेल अकाऊंट हैक हो जाए तो यह बड़ी मुसीबत की वजह बन सकता है। 

कमजोर पासवर्ड को हैकर्स बना रहे हैं निशाना:  

सुरक्षा प्रदान करने के लिए ज्यादातर लोगों द्वारा गैजेट और लागइन आई डी में पासवर्ड का उपयोग किया जाता है। ज्यादातर लोग समान्य तरह के पासवर्ड का इस्तेमाल करते हैं। जिससे उनके अकाऊंट को हैकर्स द्वारा हैक करने की क्षमता बढ़ जाती है लेकिन हाल ही में मिली जानकारी के अनुसार, पिछले साल  ‘123456’ सबसे ज्यादा उपयोग किया जाने वाला पासवर्ड रहा, इसके अलावा ‘123456789’ और ‘qwerty’ पासवर्ड को भी यूजर्स ने काफी उपयोग किया है जोकि काफी आसान है और आसानी से क्रैक किया जा सकता है। कम्पनी ने कहा कि ऐसे पासवर्ड्स को यूज किया जाना चाहिए जिन्हें क्रैक करना आसान न हो जैसे ‘1q2w3e4r’ और ‘123qwe’ आदि। ऐसे पासवर्ड्स सबसे ज्यादा सिक्योर होते हैं और यूजर के अकाऊंट को अधिक सुरक्षा प्रदान करते हैं।