गलत सूचना देने के मामले में फंसा फेसुबक

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जालंधरः व्हाट़सएप्प को खरीदने के समय यूरोपीय आयोग को गलत सूचना देने के आरोप में सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर भारी जुर्माना लगा सकता है। यह मामला गत अगस्त में व्हाट़सएप्प की प्राइवेसी पॉलिसी में हुए बदलाव से संबंधित है, जिसमें इसने कहा था कि वह कुछ यूजर्स के फोन नंबर अपनी पैरेंट कंपनी फेसबुक से साझा करेगा । इस बदलाव को लेकर यूरोपीय संघ के डाटा प्रोटेक्शन ऑथिरिटी ने जांच शुरू कर दी थी। 

ईयू का कहना है कि फेसबुक ने व्हाट़सएप्प के विलय के समय दी गई अधिसूचना में इस बात के संकेत दिए थे कि दोनों के यूजर अकांउट की जानकारियों को मिलाने में असमर्थ होगा। आयोग ने लेकिन आज जारी बयान में इस बात का खुलासा किया कि प्रारंभिक जांच से यह बात सामने आई है कि फेसबुक के वक्तव्य तथा विलय के समय उसके जवाबों के विपरीत फेसबुक और व्हाट़सएप्प के यूजर्स की आईडी को ऑटोमैटिक रुप से मिलाने की तकनीकी संभावनाएं 2014 में ही मौजूद थीं।   

आयोग का कहना है कि इससे पता चलता है कि फेसबुक ने इरादतन या लापरवाही से ईयू विलय नियमों का उल्लंघन करते हुए गलत और भ्रामक सूचनाएं ईयू को दीं । आयोग ने कहा है कि उसकी इस आपत्ति का 2014 में हुए 22 अरब डॉलर के विलय की सहमति पर कोई असर नहीं होगा। फेसबुक को इसके जवाब के लिए 31 जनवरी तक का समय दिया गया है। अगर आयोग की जांच सही पाई जाती है तो फेसबुक पर उसके कुल कारोबार का एक फीसदी जुर्माना लगाया जा सकता है।