लोगों में तनाव का कारण बन रही है फेसबुकः रिपोर्ट

Punjab Kesari

जालंधरः आज कल की युवा पीढ़ी में फेसबुक और व्हाट्सएप्प जैसे सोशल नैटवर्किंग साइट्स की आदत तेज़ी के साथ बढ़ रही है। कोई भी ऐसा तबका मौजूद नहीं है जो इस प्लेटफार्म का उपयोग न कर रहा हो। दरअसल, हाल ही में हुए एक शोध में पाया गया है कि सोशल मीडिया से आपका निजी जीवन प्रभावित हो रहा है और इससे ऑफलाइन तुलना के मुकाबले दूसरों से की जाने वाली ऑनलाइन तुलना ज्यादा तनाव पैदा करता है।



डॉ गिलर्मो पेरेस एलगोर्टा और डेविड बेकर द्वारा किए गए इस शोध में पाया गया कि फेसबुक और व्हाट्सएप्प का ज्यादा उपयोग डिप्रेशन के विकास में एक मजबूत संबंध है। यह शोध 14 देशों के 35 हजार लोगों को बीच किया गया जिनकी उम्र 15 से 88 वर्ष के बीच थी। दुनिया भर में 1.8 अरब लोग सोशल मीडिया पर मौजूद हैं, जिसमें से अकेले फेसबुक एक अरब लोग सक्रिय हैं।



इस शोध में पाया गया कि फेसबुक पर दूसरों के साथ अपने आप की तुलना तनावपूर्ण भावनाओं को जन्म देती है। अकसर लोग सोशल मीडिया पर अपनी फीड या पोस्ट को लेकर उत्तेजित और चिंतित रहते हैं। फेसबुक पर बार-बार पोस्ट डालना एक व्यक्ति को मनोवैज्ञानिक बीमारी को विकसित करने के लिए मजबूर बनाता है।