हैकिंग ने कम की याहू की कीमत

Punjab Kesari

जालंधरः तीन-तीन बार साइबर हमले का शिकार हुई इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनी याहू को पहले 4.83 अरब डॉलर में खरीदने का प्रस्ताव करने वाली अमरीकी दूरसंचार कंपनी वेरिजोन कम्युनिकेशंस इंक ने अब 25 से 35 करोड़ डॉलर कम में खरीदने का प्रस्ताव रखा है। 

विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार याहू को यह घाटा बार-बार होने वाले साइबर हमलों के कारण उठाना पड़ रहा है। अगस्त 2013 में हैकर्स ने याहू के एक अरब यूजर्स अकांउट हैक कर लिए थे और 2014 में भी 50 करोड़ अकांउट हैक हुए थे। हैकर्स ने याहू यूकार्स के नाम, फोन नंबर, जन्मतिथि, सिक्योरिटी क्वेश्चन, पासवर्ड और ईमेल एड्रेस हैक किए थे। इसी दौरान वेरिजोन ने पहली बार 4.8 अरब डॉलर में याहू को खरीदने का प्रस्ताव किया था लेकिन हैकिंग के खुलासे से इस सौदे पर सवालिया निशान लग गया था।  

याहू ने कल फिर चेतावनी जारी की है कि वर्ष 2015-16 के दौरान भी उनके हैक किए जाने की आशंका है हालांकि उसने यह नहीं बताया है कि इस हैकिंग से कितने अकाउंट्स प्रभावित हुए हैं। हैकिंग के खुलासे के बाद से वेरिजोन याहू पर दबाव बना रही थी कि वह साइबर हमलों के परिप्रेक्ष्य में हुए आर्थिक घाटे के अनुसार अधिग्रहण समझौते में संशोधन करे। सूत्रों ने बताया है कि इस सप्ताह के अंत तक यह समझौता हो सकता है, जिसके अनुसार हैकिंग के कारण बढऩे वाले कानूनी खर्चे का वहन याहू और वेरिजोन संयुक्त रुप से करेंगे।   

वेरिजोन ने आधिकारिक रूप से इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया जबकि याहू ने कोई जवाब नहीं दिया है। वेरिजोन की योजना याहू के सर्च इंजन, ईमेल तथा मैसेंजर और एडवर्टाइजिंग तकनीक को एओएल यूनिट से जोडऩे की है, जिसे उसने 2015 में 4.4 अरब डॉलर में खरीदा है।