6 महीनों के बाद भी 0.9 प्रतिशत डिवाइसिस में यूज हो रहा है Android Nougat

Punjab Kesari

जालंधर : एंड्रॉयड के लेटैस्ट ऑपरेटिंग सिस्टम 7.0 Nougat को रिलीज हुए लगभग 6 महीनें हो गए हैं, लेकिन फिर भी इस ओ.एस को केवल 0.9 प्रतिशत डिवाइसिस में ही यूज किया जा रहा है। 22 अगस्त 2016 को रिलीज किए गए इस ओ.एस को यूजर्स द्वारा ना अपनाने का सबसे बड़ा कारण है कि यह ओ.एस ज्यादा मैमोरी स्पेस घेरता है और इस लिए इसे कम कीमत स्मार्टफोन्स में दिया नहीं जा सकता जबकि भारत में ज्यादा तर लोग बजट स्मार्टफोन का ही उपयोग करते हैं। इसके अलावा दूसरा कारण है कि जहां गूगल के अपने डिवाइसिस नेक्सस और एंड्रॉयड वन को समय पर सही अपडेट मिलते हैं, वहीं, बाकी के एंड्रॉयड डिवाइसिस पर इस अपडेट को दिया नहीं जा रहा। 

इससे पहले 2015 में एंड्रॉयड 6.0 मार्शमैलो रिलीज होने के बाद मात्र 18.7 प्रतिशत का आंकड़ा ही छू पाया। जहां यूजर्स का मार्शमैलौ को अपनाने का रेट धीमा था, वहीँ Nougat ने तो निष्क्रियता का नया आयाम ही स्थापित कर दिया है।

गूगल के डाटा के मुताबिक एंड्रॉयड 7.0 Nougat 6 महीनों में मात्र 0.9 प्रतिशत एंड्रॉयड यूजर्स तक ही पहुंच पाया है। वहीं, 2015 में आए मार्शमैलो ने 30.7 प्रतिशत का ही आंकड़ा छुआ है। इससे भी अधिक हैरान करने वाली बात है, कि एंड्रॉयड 4.0 आइस क्रीम सैंडविच और एंड्रॉयड 2.3 जिंजरब्रेड अभी भी 1 प्रतिशत से भी कम डिवाइसिस में इस्तेमाल किए जा रहें हैं। इसके पीछे के कारणों पर नजर डालें, तो एंड्रॉयड द्वारा लाए जाने वाले उपडेट एप्पल द्वारा निर्धारित किए गए मानकों को दूर-दूर तक छू भी नहीं पा रहे हैं।

यूजर्स को सही समय पर अपडेट पहुंचाने की जिम्मेदारी हार्डवेयर निर्माताओं की होती है। हालांकि, कुछ फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स को छोड़ कर कंपनियों द्वारा किसी भी स्मार्टफोन को एक साल से ज्यादा सपोर्ट नहीं दी जा रही जिस कारण ऑपरेटिंग सिस्टम के नए अपडेट्स को यूज करने वालों की संख्या कम होती जा रही है। 

Android usage chart -

android12