भारत को डिजिटल बनाने के लिए चाहिए 80 लाख Wi-Fi हॉटस्पॉट: रिपोर्ट

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जालंधर - पीएम नरेंद्र मोदी ने भारत को डिजिटल बनाने का नारा दिया है, लेकिन यह सफर इतना भी आसान नहीं है। एक नई स्टडी में बताया गया है कि ग्लोबल लैवल तक पहुंचने के लिए भारत को लगभग 80 लाख Wi-Fi हॉटस्पॉट की जरूरत है जबकि यहां अभी मात्र कुछ 31,000 हॉटस्पॉट ही उपलब्ध हैं।

ASSOCHAM-Deloitte द्वारा संयुक्त रूप से की गई इस 'डिजिटल इंडिया: अनलॉकिंग द ट्रिलियन डॉलर ऑपरट्यूनिटी' स्टडी में बताया गया है कि 'भारत में ग्लोबल लेवल पर हर 150 लोगों पर एक Wi-Fi हॉटस्पॉट उपलब्ध है और अगर भारत को डिजिटल लैवल तक पहुंचना है तो 80 लाख और हॉटस्पॉट लगाए जाने की जरूरत है। भारत के मेट्रो शहरों में उपलब्ध स्पेक्ट्रम विकसित देशों की तुलना में 10 गुना कम है। इसी कारण यहां हाई-स्पीड डाटा सर्विस उपलब्ध नहीं कराई जा सकती।'

डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए यह जरूरी है कि देशभर में नागरिकों के बीच मौजूद डिजिटल अंतर को दूर किया जाए और दूरदराज के ग्रामीण इलाकों तक भी कनेक्टिविटी पहुंचाई जाए। जानकारी के मुताबिक वर्तमान में भारत के लगभग 55,000 गावों में मोबाइल कनेक्टिविटी उपलब्ध नहीं है। इस स्टडी में सरकार की FDI पॉलिसी में स्पष्टता की कमी होने को भी एक कारण माना गया है।