अगले साल से नवीकरणीय ऊर्जा पर काम करेगी GOOGLE

Punjab Kesari

जालंधर : अमरीकी टैक्नोलॉजी कम्पनी गूगल विश्वभर में फैले अपने डाटा-केन्द्रों से दस लाख से ज्यादा सर्वर चलाती है। गूगल अब अगले साल से नवीकरणीय ऊर्जा पर काम करेगी और इस योजना के मुताबिक कंपनी अपने डाटा सैन्टर्स और कार्यालयों को पवन ऊर्जा और सौर बिजली पर चलाएगी। इस काम के लिए सप्लायरों के साथ बड़े पैमाने पर लम्बे अवधि के कॉन्ट्रैक्ट किए गए हैं। गूगल चाहती है कि सभी तरह के वैश्विक संचालन कम्पनी के द्वारा पैदा की गई बिजली से ही पूरे किए जाएं।

GOOGLE S


US 3.5 बिलियन डॉलर की लागत -

इस बुनियादी ढांचे में निवेश करने पर कम्पनी को 3.5 बिलियन डॉलर की लागत आएगी और इस बिजली को गूगल अपने ग्लोबल ऑप्रेशन्स में ही यूज करेगी। गौरतलब है कि कम्पनी ने पिछले साल 5.7 टैरावाट घंटे बिजली का उपयोग किया था जो इतने ही समय में सान फ्रांसिस्को में उपयोग में लाई जाने वाली बिजली के बराबर था।  

पैदा होगी 2.6 GW बिजली -

गूगल के टैक्निकल इंफ्रास्ट्रक्चर के सीनियर वाइस प्रैजीडैंट उर्स होल्सो (Urs Holzle) पवन और सौर ऊर्जा को पैदा करने की लागत पर काम कर रहे हैं और पर्यावरण का आधिक से अधिक लाभ उठाना चाहते हैं। गूगल ने इस प्रोजैक्ट में नवीकरणीय ऊर्जा को खरीदने के लिए 20 समझौते किए हैं ताकि पवन और सौर ऊर्जा की मदद से 2.6 GW बिजली पैदा की जा सके।