मोबाइल वॉलेट एप्प में बढ़ रहा है हैकिंग का खतरा

Punjab Kesari

जालंधर - नोटबंदी के बाद से भारत में डिजिटल पेमेंट का उपयोग काफी बढ़ गया है। लोग पेमेंट एप्स की मदद से खरीदारी कर रहे हैं और उन्हें इसमें पैसो को जेब में रख कर चलने से भी राहत मिली है। लेकिन यूजर्स के बढ़ने से अब साइबर क्रिमिनल्स का मेन टारगेट ई-वॉलेट बन गया है। हाल ही में सिक्यूरिटी फर्म F-Secure की ओर से कहा गया है कि प्वॉइंट ऑफ सेल्स (POS) डिवाइसिस और मोबाइल वॉलेट्स पर मालवेयर अटैक का खतरा मंडरा रहा है। IT सिक्योरिटी कंपनी F-Secure के प्रेसिडेंट ने कहा है कि कुछ हफ्तों से भारत में ट्रांजेक्शन बढ़ने से स्थिति और भी ज्यादा चिंताजनक हो चुकी है। इस वजह से भारतीयों को बेस्ट सिक्योरिटी प्रोडक्ट्स को अपने डिवाइस में उपयोग करना जरुरी है। क्योंकि आने वाले समय में मोबाइल वॉलेट, क्रेडिट/डेबिट कार्ड और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की रफ्तार तेजी से बढ़ने वाली है।

F-Secure ने अपनी थ्रेट लैंडस्कैप इंडिया 2016 एंड बियॉन्ड रिपोर्ट में बताया है कि नोटबंदी के बाद से मोबाइल वॉलेट्स, टेलीकॉम वॉलेट्स, बैंक वॉलेट्स और इन्डिपेंडेंट वॉलेट्स का यूज काफी बढ़ गया है। इस वजह से नए तरह के खतरे भी उभर आए हैं। साथ ही बताया गया कि आज के समय में स्मार्टफोन्स पर Airpush, Dowgin, FakeApp, SMSpay और SMSreg जैसे मुख्य खतरे मंडरा रहे हैं,  जिन्हें सिक्योरिटी एप्स की मदद से कम किया जा सकता है।