फिरौती के लिए हैक किया होटल लॉक सिस्टम

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जालंधर: ‘इंटरनैट’ से ‘कनैक्ट’ हो रही सुविधाएं ‘हैकिंग’ के लिए अति संवेदनशील होती जा रही हैं। लिहाजा, इसमें कोई आश्चर्य नहीं है कि ‘होटल लॉक सिस्टम’ की कला को भी फिरौती के लिए कभी भी ‘हैक’ किया जा सकता है। हाल ही में हैकरों ने ऑस्ट्रिया में 4-स्टार होटल के सिक्योरिटी सिस्टम को भेद डाला और होटल को नया लॉक बनाने तक में असमर्थ कर दिया। होटल के ‘लॉक सिस्टम’ को दोबारा तभी खोला जा सका, जब होटल प्रबंधन हैकरों को फिरौती की रकम ‘बिटकन’ के रूप देने के लिए तैयार हो गया। 

पुलिस नहीं कर पाई कोई मदद

होटल के प्रबंध निदेशक क्रिस्टोफरब्रांडस्टेटर ने ऑस्ट्रिया के न्यूज आऊटलेट को बताया कि घटना के दौरान होटल में 180 गैस्ट ठहरे हुए थे। हमारे पास दूसरा कोई चारा नहीं था। इस मामले में न तो पुलिस और न ही इंश्योरैंस एजैंसी कोई मदद कर पाई। होटल प्रबंधकों ने कहा कि हम पहली बार होटल में हुई हैकिंग की घटना को नहीं देख रहे हैं। हमारा ध्यान ब्लैकमैलिंग जैसी घटनाओं पर अधिक ध्यान देना है क्योंकि ये घटनाएं आतिथ्य उद्योग में तेजी से बढ़ रही हैं। 

‘बिटकन’ में दी फिरौती

300 यू.एस. डॉलर की दर से एक रात के लिए कमरा देने वाले ऑस्ट्रिया स्थित ‘सीहोटल जइगररिट’ पर कई साइबर हमले हो चुके हैं लेकिन यह सच उस समय दुस्वप्न का परिदृश्य बन गया जब हैकर्स ने ‘इलैक्ट्रॉनिक लॉक सिस्टम’ को ही हैक कर लिया। हैकिंग होने से पूरा होटल लॉक हो गया और कई तकनीकी प्रयासों के बावजूद होटल प्रबंधन इसे खोलने में असमर्थ हो गया। यहां तक कि नई चाबी तक तैयार नहीं हो पाई। अंत में होटल प्रबंधन को हैकरों के समक्ष झुकना मजबूरी बन गया और लॉक सिस्टम को दोबारा शुरू करने के लिए हैकरों को 1,600 डॉलर मूल्य के ‘बिटकन’ फिरौती के भुगतान के रूप में चुकाने पड़े।

पुराने फैशन वाले डोर लॉक का इस्तेमालकरेगा होटल

अगर मजबूत सुरक्षा ही जवाब है तो ऐसा लगता है कि विशेष तरह का होटल इसके लिए धैर्य नहीं रख सकता है। होटल के मैनेजर ने एक स्थानीय ऑस्ट्रियन न्यूज वैबसाइट को बताया कि हम होटल के कमरों के नवीनीकरण के लिए मजबूत चाबियों से युक्त पुराने फैशन वाले डोर लॉक का इस्तेमाल करने की योजना बना रहे हैं। ठीक वैसे ही जैसे 111 वर्ष पहले हमारे दादा-पड़दादा के जमाने में कमरे के लॉक होते थे।