मौसम की सटीक जानकारी देगा NASA का नया ग्लाइडर

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जालंधर : नैशनल एरोनॉटिक्स और स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) ने नया फिक्स्ड विंग ग्लाइडर विकसित किया है जो आकाश से अलग-अलग प्रकार का डाटा एकत्रित करने में मदद करेगा। नासा के मौजूदा ग्लाइडर प्रांड्ट्ल-एम (Prandtle-m) के तहत बनाया गया है। तीन फीट (करीब 91 सैं.मी) साइज के ग्लाइडर को लेकर नासा की फिक्स्ड-विंग ड्रोन एजैंसी ने कहा है कि यह मार्स मिशन के दौरान कम ऊंचाई से तापमान को मॉनीटर करने में सक्षम है।

कुदरती आपदाओं से बचाएगा -

फिक्स्ड विंग ग्लाइडर को बनाने में सैंसर्स, इंस्ट्रूमैंट्स और फ्लाइट कण्ट्रोल सॉफ्टवेर का इस्तेमाल किया गया है। यह ग्लाइडर राष्ट्रीय मौसम सेवा को अधिक सटीक जानकारी देगा और कुदरती आपदाओं जैसे तूफान के आने से पहले समय रहते इसके बारे में पता लगाएगा जिससे लोगों के अमूल्य जीवन को बचाया जा सकेगा।

पैसों की होगी बचत -

नासा का कहना है कि इस नई तकनीक को यूज कर नैशनल वैदर सर्विस को चलाने में एक साल में 15 मिलियन डॉलर की बचत होगी और इससे एयरक्राफ्ट के खर्च व मानव जीवन को बचाया जा सकेगा।

परीक्षण रहा सफल -

इस ग्लाइडर को बनाने वाले शोधकर्ताओं ने हाल ही में इस पर परीक्षण किया जिसमें यह सफल रहा। इस परीक्षण में ग्लाइडर को 20,000 फीट (करीब 6,000 मीटर) की उंचाई पर उड़ाया गया जिसमें इसने बेहतरीन प्रदर्शन किया।