घाव से निकलने वाले खून को 60 सैकेंड में बंद करेगी MeTro गलू

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Sunday, October 08, 2017-10:35 AM

जालंधर : सड़क दुर्घटना होने पर शरीर से खून बहने से कई बार दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति की हालत काफी खराब हो जाती है, ऐसे में उसकी जान बचाने के लिए तुरंत उसके शरीर से बहने वाले खून को रोकना काफी जरूरी होता है। इसी बात पर ध्यान देते हुए यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी के शोधकर्ताओं ने एक ऐसा सर्जिकल ग्लू विकसित किया है जो सिर्फ 60 सैकेंड में ही घाव से निकलने वाले खून को बंद कर देगा। यानी मुश्किल स्थिति में व्यक्ति की जान बचाने में यह काफी काम आएगा। इतना ही नहीं, MeTro नामक यह ग्लू छोटी चोट होने पर कुछ घंटों में घाव को भरने का भी काम करेगा, वहीं चोट जितनी बड़ी होगी उसे ठीक करने में कुछ दिनों से महीने तक का समय भी लग सकता है। 

 

टांका या स्टिच करवाने की नहीं पड़ेगी जरूरत
MeTro ग्लू को बनाने वाली शोधकर्ताओं की टीम ने बताया है कि इस नैचुरल इलास्टिक प्रोटीन से बनाए गए ग्लू को चोट पर लगाने से घाव पर टांका या स्टिचिका लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह ग्लू सबसे फास्ट तरीके से काम करेगा यानी यह आपातकालीन स्थिति में काफी काम आएगा। 

 

इस तरह काम करेगा सर्जिकल ग्लू
इस ग्लू को इलास्टिक प्रोटीन और लाइट सैंसटिव मॉलिक्यूल्स से बनाया गया है जो अल्ट्रा वायलट लाइट यानी रोशनी के सम्पर्क में आते ही 60 सैकेंड में सर्फेस में मौजूद टिश्यू को टाइट कर देता है जिससे खून निकलना बंद हो जाता है। इस रिसर्च पर टीम बनाकर काम करने वाले नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है कि MeTro नामक इस सर्जिकल ग्लू को जब टिश्यू सर्फेस पर लगाया जाएगा तो यह इसकी सतह को कुछ ही सैकेंड्स में जोड़ देगा। जिससे मुश्किल समय में यह सबसे बड़ा साथी साबित होगा।

 

हार्ट और लंग्ज़ का इलाज करने में भी मिलेगी मदद
इस ग्लू को हाई इलस्टिसिटी तकनीक से बनाया गया है यानी ज्यादा खिंचाव होने वाली जगहों पर भी इसका आसानी से उपयोग किया जा सकता है। माना जा रहा है कि यह तकनीक हार्ट और लंग्ज़ का भी इलाज करने में मदद करेगी। इसके निर्माताओं का कहना है कि यह उन जगहों पर आंतरिक घावों के इलाज में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है जहां खून के बहने का ज्यादा डर रहता है। इस स्टडी को लीड करने वाले लेखक अनाबी ने कहा है कि टीम ने सफलतापूर्वक सूअरों के फेफड़ों में हुए घाव को तुरंत बंद किया है। अब आने वाले समय में इस तकनीक को मनुष्यों पर टैस्ट किया जाएगा।

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