अमरीका को सूचना लीक होने का खतरा, चीनी कम्पनी हुवाई पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी

  • अमरीका को सूचना लीक होने का खतरा, चीनी कम्पनी हुवाई पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी
You Are HereLatest News
Tuesday, January 16, 2018-10:50 AM

जालंधर : सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को लेकर चीनी टैक्नोलॉजी कम्पनी हुवाई पर अमरीका में एक बिल प्रस्तावित किया गया है जिसके तहत इस चीनी कम्पनी को अब यूनाइटेड स्टेट्स में कोई भी सरकारी कन्ट्रैक्ट नहीं दिया जाएगा। सुरक्षा के मद्देनजर कांग्रेस ने अमरीका में एक बिल प्रस्तावित किया है जो किसी भी सरकारी एजैंसी को हुवाई व चीनी कम्पर्नी ZTE के साथ काम करने से रोकता है। 

 

एनगैजेट की रिपोर्ट के मुताबिक बिल टाइटल H. R. 4747 में डिफैंडिंग U.S. गवर्नमैंट कम्युनिकेशन एक्ट के तहत कई खुफिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए बताया गया है कि ये दूरसंचार कम्पनियां राज्य को प्रभावित करती हैं।

 

चीनी सरकार के प्रभाव में है ये कम्पनियां

यह प्रस्तावित किया गया बिल वर्ष 2011 की रिपोर्ट का संदर्भ देता है जिसमें यूनाइटेड स्टेट्स चाइना कमीशन ने आरोप लगाया था कि हवाई और अन्य कम्पनियां चीनी सरकार के प्रभाव में हैं। वहीं CIA और NSA के जनरल माइकल हेडन ने एक स्टेटमैंट में बताया था कि यह टैलीकॉम कम्पनियां संवेदनशील जानकारी को चीनी राज्य के साथ शेयर करती हैं। जिसके बाद 2015 की FBI रिपोर्ट में इस चिन्ता को दोहराया गया था कि चीनी सरकार हवाई टैक्नोलॉजी के जरिए US बिजनेस कम्युनिकेशन्स को आसानी से एक्सैस कर सकती है। इसके अलावा वर्ष 2017 र्में ZTE कॉर्पोरेशन को अमरीकी मूल के सामानों को ईरान में अवैध रूप से शिपिंग करने के लिए भी दोषी ठहराया गया था। 

 

AT&T से टूटी कम्पनी की डील 

हुवाई अपने लेटैस्ट स्मार्टफोन मेट 10 को अमरीका में 10 फरवरी को पेश करने वाली थी। इस फोन को अमरीका में उपलब्ध करने के लिए काफी समय से कम्पनी की बात दूरसंचार कम्पनी AT&T के साथ चल रही थी लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि इस चीनी कम्पनी की विस्तार की योजनाओं को अब नई चुनौती का सामना करना पड़ेगा क्योंकि द वाल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक AT&T ने विवादों में घिरने से बचने के लिए इस डील को खारिज कर दिया है। यानी हुवाई अब अपने नए स्मार्टफोन को भी अमरीका में बेच नहीं पाएगी। 

 

2011 में की गई थी चीनी कम्पनियों को बैन करने की मांग

इससे पहले वर्ष 2011 में चीनी कम्पनियों हवाई और ZTE के उपकरणों को बैन करने को लेकर काफी हंगामा हुआ था। ये दोनों कम्पनियां अपने स्विच, रेडियो और एंटीना को पूरी दुनिया में सप्लाई करती हैं। रिपोर्ट में बताया गया था कि ये दोनों कम्पनियां चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के दिशा-निर्देशों के अधीन हैं। अब अमरीका में सुरक्षा के मद्देनजर इस बिल को प्रस्तावित किया गया है।

 

इन स्टैप्स से पारित होगा यह बिल

टैक क्रंच की जानकारी के मुताबिक इस बिल को पर्यवेक्षण और सरकारी सुधार समिति की तरफ से अभी अप्रूवल मिलनी बाकी है। यदि यह बिल यहां सफल होता है, तो इसे सीनेट के पास भी भेजा जाएगा। जिसके बाद कानूनी रूप से लागू होने से पहले इस पर प्रैजीडैंट के हस्ताक्षर भी होंगे। माना जा रहा है कि AT&T के साथ डील को खोने के बाद यह चाइना बेस्ड कम्पनी अब अमरीकी सरकार द्वारा पॉलिटिकल प्रैशर में आ रही है।

अपना सही जीवनसंगी चुनिए| केवल भारत मैट्रिमोनी पर- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन