टायरों की जांच करेगी Nokian की लेजर तकनीक

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जालंधर : कारों, ट्रकों, बसों और भारी वाहनों के लिए टायरों का निर्माण करने वाली कम्पनी नोकियन (Nokian) ने टायरों के लिए एक नई तकनीक विकसित की है। लेजर तकनीक पर आधारित इस तकनीक से ड्राइवर यह अंदाजा लगा लेगा कि कार लम्बी यात्रा पर ले जाने के योग्य है या नहीं। उल्लेखनीय है कि नोकियन तकनीकी कम्पनी नोकिया का ही ब्रांड है और विश्व में केवल नोकियन के पास ही विंटर टायर टेस्टिंग फैसिलिटी है।  

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टायर को चैक करेगी लेजर -

इसे स्नैपस्कैन (SnapSkan) का नाम दिया गया है। इस नई सर्विस में 3डी स्कैनर की मदद से कार के टायरों को चैक किया जाता है। लेजर चलती कार के टायरों को चैक करते हुए यह पता लगाने में मदद करती है कि टायर कहां से पंक्चर हो सकता है, टायर पर मौजूद रबर की गहराई कितनी है आदि। लेजर के साथ-साथ कैमरे की मदद भी ली जाती है ताकि लाइसैंस प्लेट नंबर को स्कैन कर डाटा यूजर तक सैंड किया जा सके।

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हेलसिंकी में लगाई गई है यह तकनीक -

कार के टायरों को चैक करने के लिए पहला स्कैनिंग प्वाइंट हेलसिंकी, फिनलैंड स्थित एक अंडरग्राऊंड कार पार्क में लगाया गया है। उम्मीद है कि इस तकनीक को आने वाले समय में फिनलैंड के साथ दूसरे देशों में भी उपलब्ध करवाया जाएगा।