समुद्र की गहराई तक जाने के लिए बनाई नई सबमरीन

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जालंधर : समुद्र के अंदर किसी भी तरह के ऑप्रेशन को अंजाम देने के लिए सबमरीन यानी पनडुब्बी का इस्तेमाल किया जाता है। यह एक से दो व्यक्तियों को कुछ घंटों के लिए समुद्र के अंदर ले जाती है और इसी समय में वे अपनी रिसर्च व लक्ष्य को अंजाम देते हैं। सबमरीन निर्माताओं ने साल 2005 में नीदरलैंड में यू-बोट वोक्र्स (U-Boat Worx) नाम से एक सबमरीन डिजाइन और मैनुफैक्चरिंग फेस विकसित किया था जो धीरे-धीरे दुनिया भर में प्राइवेट सबमरीन बनाने वाला सबसे बड़ा बिल्डर बन गया। इस कम्पनी ने सबमरीन की नई सी-रिसर्चर सीरीज विकसित की है जो लीथियम आयन बैटरी की मदद से लम्बे मिशन्स व पानी की गहराई तक जाने में सक्षम होगी।


लैड एसिड बैटरी के मुकाबले 350 प्रतिशत बेहतर है नई तकनीक (लीथियम आयन बैटरी)

नई तकनीक की इस बैटरी से अब रिसर्चर पहले से ज्यादा लाइट्स व पावरफुल अटैचमैंट्स को यूज कर पाएंगे जिससे उनके मिशन के लक्ष्य को पूरा करने में मदद मिलेगी। कम्पनी ने दावा किया है कि सी-रिसर्चर सीरीज में लगाई गई लीथियम आयन बैटरी मौजूदा लैड एसिड सैटअप के मुकाबले 350 प्रतिशत बेहतर साबित होगी। फिलहाल 62 kWh की इस बैटरी को नई सी-रिसर्चर सीरीज सबमरीन में 4,000 मीटर समुद्र तल से नीचे टैस्ट किया गया है जिसमें इसने बेहतर प्रदर्शन किया है। 


सी-रिसर्चर सीरीज में शामिल होंगे तीन मॉडल्स: 

कम्पनी ने कहा है कि इस तकनीक से दो लोगों के लिए सबमरीन बनाई जाएगी जो 500 मीटर समुद्र के अंदर जा सकेगी, वहीं 2-2000 मॉडल नम्बर की सबमरीन दो यात्रियों को 2000 मीटर तक ले जाने में सक्षम होगी। इनके अलावा कम्पनी तीन लोगों के लिए भी एक सबमरीन बनाएगी जो 1100 से 1700 मीटर की गहराई तक आसानी से पहुंच सकेगी। 


सबमरीन में दिखेगा लार्ज व्यू : 

इस सी-रिसर्चर सीरीज को साधारण सबमरीन से अलग बनाया गया है। इसमें बैठने के बाद यात्रियों को लार्ज व्यू देखने को मिलेगा जैसा कि स्मार्टफोन के कैमरे में दिए गए पैनारोमा फीचर से मिलता है। नई सीरीज की मदद से यात्री बिना कुछ मिस किए सब्जैक्ट को क्लीन व्यू में देखते हुए उस पर काम कर सकेंगे। बताया गया कि नई सीरीज को कम्पनी ने 12 साल के एक्पीरियंस को इक्ठा करके बनाया है। कम्पनी के फाऊंडर बेर्ट होटमैन  ने कहा है कि यह समुद्र की गहराई में सेफैस्ट, बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली सबसे लग्जीरियस सबमरीन है। जानकारी के मुताबिक सी. रिसर्चर सबमरीन साल 2018 की दूसरी तिमाही में यू.एस 2 मिलियन डॉलर में उपलब्ध की जाएगी।