एयरटेल-वोडाफोन की याचिका के विरोध में Jio को मिला Tata का साथ

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जालंधर: रिलायंस जियो और टाटा ने हाई कोर्ट में एयरटेल और वोडाफोन द्वारा दायर याचिका पर आपत्ति जताई है। इन दूरसंचार कंपनियों ने भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के इंटरकनेक्ट प्रयोग शुल्क नियमनो को चुनौती दी है।

मुख्य न्यायाधीश जी.रोहिणी व न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल की खंडपीठ के समक्ष रिलायंस जियो व टाटा की तरफ से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता पी. चिदंबरम व अन्य ने कहा कि वे एयरटेल तथा वोडाफोन की याचिका का विरोध करते हैं। इस पर पीठ ने कहा, हमें लगता है कि सभी सेवा प्रदाताओं में इस मामले पर एक राय नहीं हैं। इस पर पी चिदंबरम ने कहा कि कम ग्राहकों वाले सेवा प्रदाताओ को नुकसान नहीं है, लेकिन ऐसे ऑपरेटर जिनके ग्राहकों की संख्या अधिक है, उन्हें इस नियमन की वजह से काफी नुकसान हो रहा है। उन्होने दलील दी कि ट्राई द्वारा तय टर्मिनेशन शुल्क घटाने की वजह से सेवा प्रदाताओ को नुकसान हो रहा है। चिदंबरम ने ट्राई के टर्मिनेशन शुल्क को शून्य करने के अधिकार पर भी सवाल उठाया।

गौरतलब है कि ट्राई ने इंटरकनेक्ट प्रयोग शुल्क (आइ.यू.सी.) नियमनो में लैंडलाइन से  वायरलेस के लिए टर्मिनेशन शुल्क शून्य पैसा तथा वायरलेस से वायरलेस 14 पैसे प्रति मिनट तय किया है। इंटरकनेक्शन प्रयोग शुल्क या टर्मिनेशन शुल्क कॉल करने वाले ग्राहक की सेवा प्रदाता कंपनी द्वारा दूसरे को दिया जाता है जिसके नेटवर्क पर कॉल आई है।