एयरटैल के ‘Unlimited’ ऑफर पर जियो ने खटखटाया ट्राई का दरवाजा

Punjab Kesari

जालंधर: रिलायंस इंडस्ट्रीज की हाल ही में लांच की गई दूरसंचार सेवा कम्पनी रिलायंस जियो तथा देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कम्पनी भारती एयरटैल लिमिटेड की खींचतान एक बार फिर दूरसंचार नियामक ट्राई के पास पहुंच गई है। 

एयरटैल का ऑफर ‘अनलिमिटेड’ नहीं

जियो ने ट्राई को लिखे एक पत्र में कहा कि एयरटैल ने 345 रुपए में 28 दिन के लिए नि:शुल्क अनलिमिटेड लोकल तथा एस.टी.डी. कॉल का ऑफर दिया है लेकिन हकीकत में यह ऑफर ‘अनलिमिटेड’ नहीं है क्योंकि इसमें प्रति दिन 300 मिनट या 7 दिन में 1200 मिनट की कॉल की सीमा रखी गई है। इस सीमा से ज्यादा कॉल करने पर ग्राहकों का 30 पैसे प्रति मिनट शुल्क काटा जाता है। उसने एयरटैल पर ग्राहकों से यह सूचना छुपाकर ट्राई के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन का भी आरोप लगाया है तथा इसके प्रमाण के रूप में एयरटैल के कस्टमर केयर पर की गई बातचीत की रिकॉॄडग भी ट्राई को सौंपी है। उसने बताया कि कस्टमर केयर के अधिकारी भी पहले यह जानकारी देने में आनाकानी करते हैं। 

कम्पनी कर रही गुमराह

एयरटैल के 345 रुपए में नि:शुल्क कॉलिंग के साथ ‘12 महीने के लिए 9000 रुपए के नि:शुल्क डाटा’ ऑफर के बारे में जियो ने कहा कि यह डाटा नि:शुल्क नहीं है क्योंकि हर 28 दिन पर 345 रुपए का रिचार्ज करने पर ही उपभोक्ता के खाते में 3 जी.बी. डाटा आता है। इसके अलावा उसने आरोप लगाया है कि एयरटैल के प्रीपेड ग्राहकों के लिए 3 जी.बी. डाटा 450 रुपए में उपलब्ध है और इस हिसाब से 12 महीने तक 3 जी.बी. डाटा प्लान की कीमत सिर्फ 5400 रुपए होती है। इस प्रकार कम्पनी उपभोक्ताओं को गुमराह कर रही है। उसने इस ऑफर का लाभ उठाने के लिए 4जी हैंडसैट का पहली बार एयरटैल नैटवर्क पर इस्तेमाल जरूरी करने और सिर्फ ‘माई एयरटैल एप्प’ के जरिए ही इस सुविधा का लाभ देने पर भी सवाल उठाया है तथा इसे ग्राहकों के बीच भेदभाव बताया है जो ट्राई के नियमों का उल्लंघन है।

सी.ओ.ए.आई. भी मैदान में

 मोबाइल कम्पनियों ने सार्वजनिक दूरसंचार कम्पनी बी.एस.एन.एल. की नई लिमिटेड फिक्स्ड मोबाइल टैलीफोन सेवा के खिलाफ दूरसंचार नियामक ट्राई का दरवाजा खटखटाते हुए मैदान में उतर आई है। बी.एस.एन.एल. की नई लिमिटेड फिक्स्ड मोबाइल टैलीफोन सेवा एक एप्प आधारित कॉलिंग सेवा है जिसमें कोई मोबाइल कार्डलैस फोन में बदल जाता है और एक सीमित दायरे में इसका इस्तेमाल लैंडलाइन नंबर फोन करने या उस नंबर पर आने वाली कॉल रिसीव करने के लिए किया जा सकता है।

मोबाइल कम्पनियों के संगठन सी.ओ.ए.आई. ने ट्राई से इस मामले में हस्तक्षेप करने व बी.एस.एन.एल. को अपनी इस नई सेवा को वापस लेने को कहने का आग्रह किया है। संगठन ने कम्पनी की इस नई सेवा को नंबरिंग योजना का उल्लंघन व लाइसैंस शर्तों के खिलाफ बताया है।