अब कॉल ड्राप से जल्द मिलेगी राहत

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नई दिल्लीः दूरसंचार विभाग ने आज बताया कि कॉल ड्रॉप की समस्या के निदान के लिए टेलीकॉम सेवा प्रदाता पूरे देश में अगले साल 31 मार्च तक डेढ़ लाख अतिरिक्त बेस ट्रांसिवर स्टेशन( बी.टी.एस.) की स्थापना करेंगे। संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने यहां जारी विज्ञप्ति में यह जानकारी दी कि टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं ने जून 2016 से अक्टूबर 2016 के बीच पूरे देश में एक लाख 30 हजार से अधिक बीटीएस स्थापित किए और उनकी योजना अगले साल 31 मार्च तक डेढ़ लाख अतिरिक्त बीटीएस स्थापित करने की है।

इन जगहों पर लांच हुआ IVRS सिस्टम

उपभोक्ताओं से सीधे फीडबैक प्राप्त करने के लिए तथा उस फीडबैक को कॉल ड्रॉप की समस्या से छुटकारा पाने में इस्तेमाल करने के लिए दूरसंचार विभाग ने 23 दिसंबर को दिल्ली, मुम्बई, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड़, महाराष्ट्र तथा गोवा में इंटीग्रेटेड वाइस रिस्पांस सिस्टम( आई.वी.आर.एस.) लांच किया है। जल्द ही पूरे देश में आईवीआरएस की सुविधा उपलब्ध होगी।

इस नंबर पर कॉल कर सुलझा सकते हैं समस्या

उपभोक्ताओं को शॉर्ट कोड 1955 से आईवीआरएस का एक कॉल आएगा और उनसे कॉल ड्रॉप के मुद्दे पर कुछ सवाल पूछे जाएंगे। ये सवाल हो सकते हैं कि क्या उनके क्षेत्र में कॉल ड्रॉप की समस्या है या नहीं। इसी समान नंबर 1955 पर उपभोक्ता, जो कॉल ड्राप की समस्या से परेशान हैं, वे अपने शहर या गांव की लोकेशन के साथ टॉल फ्री एसएमएस भेज सकते हैं। उपभोक्ताओं के फीडबैक को दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के साथ साझा किया जाएगा ताकि वे उस क्षेत्र में कॉल ड्राप की समस्या खत्म करने के लिए उचित कदम उठा पाएं।

उपभोक्ताओं से लिया जाएगा फीडबैक

संचार मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा, यह प्लेटफार्म एक ऐसा माध्यम है जिसके जरिए उपभोक्ताओं से सीधे उनका फीडबैेक हासिल किया जाता है और उनके फीडबैक को सेवा सुधार में इस्तेमाल किया जाता है। सरकार शुरुआत में इस मंच का इस्तेमाल कॉल ड्रॉप के लिए करेगी लेकिन भविष्य में अन्य क्षेत्रों में भी उपभोक्ताओं के फीडबैक जानने के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।