पीआेआई के मुद्दे की निगरानी करते रहेंगे : ट्राई

Punjab Kesari

जालंधर: भारती एयरटेल तथा रिलायंस जियो के बीच वाकयुद्ध तेज होने के बीच भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने आज जोर देकर कहा कि पॉइंट आफ इंटरकनेक्ट (पीआेआई) उपभोक्ताओं का मुद्दा है और वह इसकी निगरानी करता रहेगा।   

ट्राई के चेयरमैन आर एस शर्मा ने आईएएमएआई डिजिटल सम्मेलन के मौके पर अलग से बातचीत में कहा, ‘‘हम इस मुद्दे पर विचार विमर्श कर रहे हैं। यह इस और उस आपरेटर के बीच का मुद्दा नहीं है। यह उपभोक्ताओं का मुद्दा है।’’ शर्मा ने कहा कि नियामक ने इस मुद्दे में हस्तक्षेप किया है। उन्होंने कहा कि नियामक इस पर लगातार निगाह रखेगा। नियामक के इस बयान से एक दिन पहले एयरटेल और रिलायंस जियो ने पॉइंट आफ इंटरकनेक्शन के प्रावधान पर कल एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाए थे। उल्लेखनीय है कि कॉल कनेक्टिविटी को लेकर रिलायंस जियो व एयरटेल में विवाद चल रहा है।   

रिलायंस जियो ने कल बयान में कहा था कि एयरटेल द्वारा उसे नेटवर्क से उसकी काल जोडऩे की पर्याप्त सुविधा (प्वाइंट आफ इंटरकनेक्ट की सुविधा) नहीं उपलू्ध कराया है जिसके कारण उसके उपयोक्ताआें द्वारा की वाली देश के अंदर लंबी दूरी की दैनिक 2.6 करोड़ यानी 53.4 प्रतिशत फोन काल विफल हो रही हैं।   

कंपनी का कहना है कि ट्राई के नियमों के अनुसार यह काल ड्रप दर 0.5 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए।  भारती एयरटेल ने कहा था कि रिलायंस जियो को 19 करोड़ तक ग्राहकों को सेवा देने के लिये पर्याप्त (पीआेआई) क्षमता उपलब्ध करायी है लेकिन जियो उसे उपयोग में लाने में विफल रही है।  

रिलांयस जियो ने एयरटेल के इस दावे को ‘प्रतिस्पर्धा विरोधी व उपभोक्ता विरोधी’ बताते हुए कहा है कि एयरटेल ने उसे सर्किलों के अंदर की काल के लिए 31 जनवरी तक कुल 18,557 इंटरकनेक्शन प्वाइंट उपलब्ध कराए थे जबकि जरूरत 23,502 की थी। इसी तरह एनएलडी के लिए 10043 नेटवर्क अंतरसंयोजन स्थलों की जरूरत थी पर 4,432 संपर्क प्वाइंट ही उपलब्ध कराए गए थे।