वातावरण को बचाने के लिए एक और कदम वैज्ञानिकों ने बनाई नॉन-टॉक्सिक बैटरी

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Wednesday, March 16, 2016-8:22 AM

जालंधर : एम.आई.टी. मैसाचुसेट्स इंस्टीच्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी के रिसर्चर लिथियम बैटरी का आल्टरनेट ढूंढ रहे हैं जोकि जलने के बाद बिल्कुल भी टॉक्सिक मैटीरियल पैदा नहीं करेगी। इस आल्टरनेट को बनाने के लिए कार्बन नैनोट्यूब की तारों का प्रयोग किया गया है। आपको बता दें कि यह वही सिलैंडरीकल कार्बन मॉलीक्यूलज हैं जिनको धरती का सबसे डार्क मैटीरियल बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। 

इन तारों में एक सिरे से दूसरे सिरे तक गर्मी का बहाव किया जाए तो यह ट्यूब्स इलैक्ट्रीसिटी पैदा करती हैं, वह इसलिए क्योंकि कार्बन नैनोट्यूब्स में इलैक्ट्रोन्स इसके सर्फेस पर तरंगों के रूप में घूमते हैं। इनको भी जलाने के लिए किसी न किसी मैटीरियल की जरूरत होती है, इसलिए रिसर्चरों द्वारा नॉन-टॉक्सिक मैटीरियल का प्रयोग करने के लिए आमतौर पर इस्तेमाल की जाने वाली चीनी का प्रयोग किया गया है। 

एम.आई.टी. रिसर्चरों ने यह तो साबित कर दिया है कि इन ट्यूब्स के साथ आम एल.ई.डी. लाइट्स को चलाया जा सकेगा परन्तु इनको लिथियम बेस्ड बैटरियों का मुकाबला करने में अभी समय लग सकता है। अगर सब कुछ सही रहा तो इन बैटरीज को अंतरिक्ष में स्पेस प्रोबस के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। 


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