दुनिया की चार सबसे बड़ी टेक कंपनियों की सुनवाई, एप्पल, अमेजन, फेसबुक और गूगल पर लगे आरोप

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Thursday, July 30, 2020-7:56 PM

गैजेट डैस्क: इन दिनों तकनीक की दुनिया में प्रतिस्पर्धियों (कंपीटीटर्स) को आगे बढ़ने से रोकने के मामले में अमेरिकी कांग्रेस द्वारा फेसबुक, एप्पल और गूगल जैसी कंपनियों की सुनवाई चल रही है। ऐसे में इन कंपनियों के प्रमुखों को अपनी फर्मों के बचाव को लेकर सफाई देनी पड़ रही है। इन कंपनियों पर अपनी ताकत के इस्तेमाल से अपने कंपीटीटर्स को दबाने का आरोप है।

हाउस सांसदों द्वारा इनवैस्टिगेशन चल रही है जिसमें पता लगाया जा रहा है कि कैसे ये टैक कंपनियां इतनी बड़ी और पावरफुल बन गई हैं। यह मामला पिछले साल से चला आ रहा है जिसमें अब हाउस ज्यूडिशियरी कमेटी ने इनवैस्टिगेशन के दौरान सभी कंपनियों के CEO को बुलाया है।

अब तक इनवैस्टिगेशन में हुए ये खुलासे

कमेटी द्वारा इस साल इनवैस्टिगेशन में इन कंपनियों के 1.3 मिलीयन डॉक्यूमेंट्स को इकट्ठा किया गया, वहीं पांच सार्वजनिक सुनवाई की गईं और सैकड़ों घंटों की इंटरव्यूज़ भी ली गईं हैं। इस दौरान इन कंपनियों को लगभग 13 महीने दिए गए थे ताकि जुकरबर्ग, पिचाई, अमेज़ॅन के जेफ बेजोस, और एप्पल के टिम कुक अपने स्पष्ट रिकॉर्ड को संबोधित कर सकें।

सुनवाई कर रही समिति की अगुवाई कर रहे कांग्रेसमैन डेविड सिसिलाइन ने कहा कि एक साल की जांच के बाद ये बात सामने आई है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स ने अपने विस्तार के लिए नुकसानदेह और दूसरों को बर्बाद करने वाले तरीकों का इस्तेमाल किया है। ये कंपनियां एकाधिकारवादी मॉडल पर चल रही हैं और उन्होंने इसे रोकने के लिए कार्रवाई किए जाने की भी मांग की है। लगभग पांच घंटे की सुनवाई के बाद उन्होंने कहा कि कुछ कंपनियों को विभाजित किए जाने की ज़रूरत है। इसके अलावा सभी को पूरी तरह से नियम-कायदों के दायरे में लाए जाने की जरूरत है। फेसबुक के मार्क जुकरबर्ग, अमेजन के जेफ बेजोस, गूगल के सुंदर पिचाई और एप्पल के टिम कुक ने इस बात पर जोर दिया कि उन्होंने कुछ भी गैरकानूनी नहीं किया है और उनकी कंपनियां अमेरिकी मूल्यों का पालन करती हैं।

चारों CEOs ने बैठक से पहले ही जारी कर दी थीं अपनी स्टेटमेंट्स

अमेजॉन के जेफ बेजोस, गूगल के सुंदर पिचाई, एप्पल के टिम कुक और फेसबुक के मार्क जुकरबर्ग चारों CEOs ने बैठक से पहले एक ओपनिंग स्टेटमेंट्स जारी की थी। इनमें कहा गया था कि उनका केस भी उनकी कंपनियों की तरह ही सक्सेसफुल होगा। बेजोस, पिचाई, जुकरबर्ग और कुक ने दावा किया कि उनके व्यवसाय अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा है।

उदाहरण के लिए, बेजोस ने कहा कि अमेज़ॅन अक्सर छोटे और मध्यम आकार के बिजनेसिस के लिए रिवेन्यू का एक सोर्स है।

इसी तरह, पिचाई ने कहा कि Google अक्सर छोटे बिजनेसिस के लिए ऐडवर्टाइजिंग, रिवेन्यू और असिस्टेंस प्रदान करता है और नई टेक्नोलॉजी में महत्वपूर्ण रूप से निवेश करता है जो चिकित्सा और विज्ञान में अग्रिम सफलताओं में मदद कर सकती हैं।  

कुक ने उल्लेख किया कि एप्प स्टोर इकोसिस्टम ने वर्ष 2019 में US  इकोनॉमी को 138 बिलियन डॉलर से अधिक की सुविधा दी।

वहीं, जुकरबर्ग ने कहा कि फेसबुक दुनिया को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और दावा किया कि यह दुनिया के लिए बहुत अच्छा प्लेटफोर्म है।

एंटीट्रस्ट मुद्दे पर क्या कहना है कंपनियों का

कंपनियों के CEOs ने एंटीट्रस्ट मुद्दे पर कहा है कि उनकी कंपनियां बहुत अधिक प्रभावी हैं। बेजोस ने बताया कि अमेज़न को वॉलमार्ट, टारगेट और कॉस्टको से कंपीटिशन मिल रहा है क्योंकि ये कंपनियां कर्बसाइड पिकअप सुविधा प्रदान कर रही हैं, जिससे उन्हें फायदा हो रहा है।

वहीं पिचाई का दावा है कि Google को एलेक्सा, ट्विटर, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और पिंटरेस्ट जैसी कंपनियां कड़ी टक्कर दे रही हैं।

इसी तरह टिम कुक का कहना है कि भले ही iPhone एक रिवॉल्यूशनरी प्रोडक्ट है लेकिन इसे भी सैमसंग, LG, हुआवेई और गूगल कड़ा कंपिटिशन दे रही हैं।

इस दौरान जुकरबर्ग ने अपने किसी भी कंपीटिटर का नाम नहीं लिया, लेकिन इतना जरूर कहा कि फेसबुक को पूरी दुनिया से ही कंपिटिशन मिल रहा है और कंपिटिशन देने वाली कंपनियां इस सुनवाई में दिखाई दे रही हैं।


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