भारत में बनने वाली पहली कार थी Ambassador, दशकों तक नेताओं की रही है यह सवारी, जानें इसके बारे में..

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Tuesday, September 22, 2020-1:59 PM

ऑटो डैस्क: भारत की सड़कों पर आज लग्जरी कारें दौ़ड़ती आसानी से नजर आ जाती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में बनने वाली पहली कार Ambassador थी जोकि दशकों तक नौकरशाहों और नेताओं की सवारी रही है। यह कार अब भारत की सड़कों पर बहुत कम दिखाई देती है, हालांकि इस कार के दीवानों की कोई कमी नहीं है। आज हम Ambassador कार के बारे में ऐसी जानकारी आपको देंगे जो यकीनन आपको पता नहीं होगी।

युनाइटेड किंगडम में पुराने समय में मशहूर रही Morris Oxford कार की चेसिस पर Hindustan Ambassador को तैयार किया गया था। इसके लिए हिंदुस्तान मोटर्स ने मॉरिस मोटर्स के साथ साझेदारी की थी और इस कार का निर्माण कोलकाता में शुरू हुआ था। इसे ही बाद में एचएम अंबेसडर कहा गया।

आज से 72 साल पहले लॉन्च हुई थी यह कार

भारत की सड़कों पर पहली अंबेसडर आज से 72 साल पहले सन 1958 में लॉन्च की गई थी और इसे 1960 और 1970 के दशक में स्टेट्स सिंबल के रूप में देखा जाता था। भारत की पहली डीजल कार भी अंबेसडर ही थी।

आज की कारों से भी ज्यादा मजबूत

अंबेसडर को इतना ज्यादा मजबूत बनाया गया था, कि इसमें एयरबैग्स की भी जरूरत नहीं थी। इसके अलावा इसे कंफर्टेबल राइड के लिए भी सबसे बेहतर माना जाता था। इसे किंग ऑफ इंडियन रोड्स भी कहा जाता है।

सबसे लंबे समय तक चली है इस कार की प्रोडक्शन

भारत में अंबेसडर कार की प्रोडक्शन सबसे लंबे समय तक चली है। सन 1958 से लेकर 2014 तक एंबेसडर की प्रोडक्शन हुई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक 2014 में प्रोडक्शन बंद होने से पहले हिंदुस्तान मोटर्स की अंबेसडर की टोटल यूनिट्स में से 16 फीसदी यूनिट भारत सरकार ने खरीदी थीं।

शुरू में कीमत थी बेहद कम

  • भारत में 1958 में लाई गई अंबेसडर की कीमत 14 हजार रुपए थी, जबकि 2014 में अंबेसडर की कीमत समय के साथ-साथ बढ़कर 5.22 लाख रुपये हो गई थी।
  • अंबेसडर की पहली जेनरेशन में 1,489 cc का डीजल इंजन था। इसकी 7 जेनरेशन मार्केट में उतारी गई थीं। पहला जेनरेशन Mark 1 था जबकि आखिरी जेनरेशन इनकोर था ‌।
  • BS-IV इमिशन स्टैंडर्ड्स को पूरा करने के लिए अंबेसडर इनकोर हिंदुस्तान अंबेसडर का आखिरी मॉडल थी।

आज चाहे अंबेसडर नई कार कंपनियों जैसे कि मारुति सुज़ुकी, हुंडई, टोयोटा, होंडा आदि की तरह अपनी पकड़ खो चुकी है। लेकिन दशकों तक इस कार ने भारत की सड़कों पर राज किया है। इसी बात पर ध्यान देते हुए 2013 में अंबेसडर को ग्लोबल आटोमोटिव प्रोग्राम टॉप गियर में दुनिया की बेस्ट टेक्सी माना गया था। मारुति सुजुकी के आने से पहले भारतीय मार्केट में हिंदुस्तान मोटर्स देश की टॉप ऑटो कंपनी थी।

 


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