आर्टिफिशियल इंटैलिजेंस से और भी बेहतर होगा मरीज का इलाज

  • आर्टिफिशियल इंटैलिजेंस से और भी बेहतर होगा मरीज का इलाज
You Are HereGadgets
Monday, August 5, 2019-5:30 PM

- बीमारी होने से पहले ही सामने आ जाएंगे लक्षण

गैजेट डैस्क : आज के दौर में तकरीबन हर एक व्यक्ति किसी न किसी बीमारी से ग्रस्त है। बीमारी का इलाज करवाने के लिए लोग समय से लेकर पैसों तक सब कुछ दाव पर लगाते हैं, लेकिन तब भी कई बार समय से मरीज का इलाज नहीं हो पाता है। बीमारी होने से पहले ही इसके लक्षणों का पता लगाने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटैलिजेंस तकनीक का उपयोग किया जाएगा जो बीमारी के संकेतों का पता लगाने व समय से इलाज करने में काफी मददगार साबित होगी। 

  • ऑस्ट्रेलिया इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ इनोवेशन के असोसिएट प्रोफैसर श्लोमो बर्कोवस्की (Shlomo Berkovsky) ने कहा है कि मैडिकल इमेजिंग जैसे कि ब्रेन स्कैन , X-rays, ECG और रैस्पेरेटरी मइयरमैंट को बेहतर बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटैलिजेंस तकनीक की मदद ली जाएगी। 

किडनी की चोट का लग सकेगा पता

गूगल की मालिकाना हक वाली कम्पनी अल्फाबेट ने काफी समय पहले UK की टैक्नोलॉजी कम्पनी DeepMind को खरादा था। इस कम्पनी द्वारा अब ऐसी AI टैक्नोलॉजी को विकसित कर लिया गया है जो बहुत ही कम समय में किडनी की चोट का पता लगा लेगी। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह दुनिया की सबसे आधुनिक तकनीक से भी 48 घंटे पहले रिजल्ट दिखाएगी। नई तकनीक का अब तक 700,000 अडल्ट पेशैंट्स पर टैस्ट किया गया है और इस दौरान 55.8 प्रतिशत सही रिजल्ट्स प्राप्त हुए हैं। 

  • आपको बता दें कि किडनी की चोट एक जानलेवा बीमारी है जिससे अंग अचानक काम करना बंद कर देता है। इसके बारे में पता लगाना भी काफी मुश्किल है। इस बीमारी से अमरीका में हर साल 300,000 से ज्यादा लोगो प्रभावित होते हैं। 

PunjabKesari

दिल के आकार में बदलाव की मिलेगी जानकारी

दिल के आकार में बदलाव होने से हार्ट अटैक व अन्य गंभीर हृदय संबंधी समस्याएं होती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक हार्ट से जुड़े टैस्ट्स का डाटा अगर आर्टिफिशियल इंटैलिजेंस तकनीक से मापा जाए तो काफी समय पहले ही बीमारी का पता लगाया जा सकता है। 

  • वहीं नई AI असिस्टेड इलैक्ट्रोकार्डियोग्राम (ECG) तकनीक हार्ट फेलियर के संकेतों का पता लगाने में मदद करेगी। इस तकनीक का अब तक 600,000 रोगियों पर टैस्ट किया जा चुका है और इसने 85 प्रतिशत सही रिजल्ट्स दिए हैं। ऐसे में आने वाले समय में अट्रायल फिब्रिलेशन, अबनार्मल हार्ट बीट रिदम और हार्टफेलियर होने के रिस्क का पता आसानी से लगाया जा सकेगा। 

PunjabKesari

तीन गुणा स्पीड से काम करेगी CT स्कैन

नए AI Scholar नाम के टूल को तैयार किया गया है जो रेडियोलॉजिस्ट्स को तीन गुणा स्पीड से CT स्कैन करने में मदद करेगा। माना जा रहा है कि इस तकनीक से कैंसर के 50 प्रतिशत बेहतर रिजल्ट प्राप्त किए जा सकेंगे। 

  • AI सिस्टम्स की मदद से बहुत ही जल्दी या यूं कहें तो अर्ली स्टेज पर ही बीमारी का पता लगाया जा सकेगा। इसके जरिए स्किन कैंसर और हड्डीयों की मजबूती को लेकर काफी बेहतर तरीके से जाना जा सकेगा। 

PunjabKesari

वेयरेबल गैजेट्स देते हैं काफी फायदा

बहुत से वेयरेबल कम्पयूटर्स जैसे कि फिटनेस ट्रैकर्स और स्मार्ट वॉचिस मार्किट में उपलब्ध हैं जिनके जरिए आप अपनी हैल्थ से जुड़े डाटा का पता लगा सकते हैं। यह गैजेट डाटा इकट्ठा करते हैं जिन्हें डॉक्टर को दिखाने पर इलाज करने में काफी मदद मिलती है। 

PunjabKesari


यहाँ आप निःशुल्क रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, भारत मॅट्रिमोनी के लिए!Edited by:Hitesh