खतरे में पड़ी व्हाट्सएप की लोकप्रियता, अब भारतीयों को पसंद आ रही यह एप्प

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Wednesday, November 6, 2019-1:11 PM

गैजेट डैस्क: इंस्टैंट मैसेजिंग एप्प व्हाट्सएप इस वक्त दुनिया की सबसी लोकप्रिय एप्स में से एक है, लेकिन हालिया दिनों में यूजर्स की प्राइवेसी को लेकर इस पर काफी सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में भारतीय यूजर व्हाट्सएप का विकल्प ढूंढ-ढूंढते अब Telegram पर जा अटके हैं। इसी लिए अब Telegram एप्प के यूजर्स की संख्या धीरे-धीरे बढ़ती ही जा रही है। 

पिछले 9 महीनों में यूजर बेस में हुई 60 प्रतिशत की वृद्धि

भारत में पिछले 9 महीनों में टैलीग्राम एप्प के मंथली ऐक्टिव यूजर्स की संख्या में 60 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जून 2017 में टैलीग्राम के ग्लोबल यूजर्स में भारतीयों की संख्या सिर्फ 2 प्रतिशत ही थी जोकि सितंबर 2019 में बढ़कर 12 प्रतिशत हो गई। इतना ही नहीं, एप्प को इंस्टाल करने की गति में भी इस साल तीन गुना बढ़ोतरी हुई है। एप्प इंटेलिजेंस फर्म सिमिलर वैब के मुताबिक सितंबर में टैलीग्राम को 91 लाख यूजर्स ने इंस्टॉल किया, जिनकी संख्या जनवरी में 36 लाख ही थी।

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व्हाट्सएप के विकल्प में उभर रही एक और एप्प

एक और एप्प इस वक्त व्हाट्सएप के विकल्प में उभर रही है जिसका नाम Signal है। हैरानी की बात तो यह है कि ओप सोर्स एप्प होने के बावजूद इसके वर्ष 2019 में मंथली ऐक्टिव भारतीय यूजर्स की संख्या 70 हजार रही है।

व्हाट्सएप को लेकर क्या सोचते हैं साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स

साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स ने टाइम्स ऑफ इंडिया को जानकारी देते हुए बताया है कि टैलीग्राम और सिग्नल यकीनन ज्यादा सुरक्षित मैसेजिंग प्लैटफॉर्म्स हैं। यह सच है कि व्हाट्सएप को लेकर जो ताजा स्पाइवेयर मामला सामने आया है उससे इस एप्प के यूजरबेस को ज्यादा नुकसान नहीं होगा। 

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आखिर क्यों लोग कर रहें टैलीग्राम डाउनलोड

आपको बता दें कि सिक्योरिटी फर्म्स व्हाट्सएप से ज्यादा टैलीग्राम को सिक्योर बता रही हैं। साइबर सिक्यॉरिटी फर्म Lucideus के को-फाउंडर राहुल त्यागी ने कहा है कि टैलीग्राम की सबसे बड़ी खासियत है कि इस एप्प में यूजर जो कुछ भी करता है वह एप्प के अंदर ही रहता है। हालांकि व्हाट्सएप में ऐसा नहीं है और यूजर की प्राइवेसी को लेकर इस पर हमाशा से सवाल खड़े होते रहते हैं। बात की जाए टैलिग्राम के एनक्रिप्शन प्रोटोकॉल 'MTProto' की तो यह मैसेज को हमाशा छिपा कर रखने का काम करता है। वहीं सिग्नल एप्प का एन्क्रिप्शन सिस्टम भी सभी मेटाडाटा को वर्चुअली छिपा कर ही रखाता है। 

टैलीग्राम का भी एक फीचर है खतरनाक

चेन्नई के रहने वाले बिजनेसमैन विजय आनंद ने कहा है कि वे टैलीग्राम और सिग्नल एप्प को लगातार दो वर्षों से उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने अब व्हाट्सएप का इस्तेमाल कम कर दिया है वहीं उनके ग्रुप में भी लोग अब टैलिग्राम को ही उपयोग कर रहे हैं। इसके अलावा एक सुजीत खुराना नाम के यूजर ने टैलीग्राम के 'secret chat' फीचर का हवाला देते हुए कहा कि यह मैसेजेस को तय समय सीमा के बाद डिलीट कर देता है। ऐसे में यह एप्प जालसाजों का भी झुकाव अपने ओर बढ़ा रही है। 


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