हैक हुआ सैमसंग गैलेक्सी S10 का फिंगरप्रिंट स्कैनर, धोखा खा गया इन-डिस्प्ले सैंसर

  • हैक हुआ सैमसंग गैलेक्सी S10 का फिंगरप्रिंट स्कैनर, धोखा खा गया इन-डिस्प्ले सैंसर
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Monday, April 8, 2019-6:33 PM

गैजेट डैस्क : सैमसंग ने अपने लेटैस्ट स्मार्टफोन गैलेक्सी S10 को लॉन्च करते समय इसमें दिए गए अल्ट्रासोनिंग फिंगरप्रिंट सैसर को सबसे सिक्योर तकनीक बताया था। कम्पनी ने उस समय कहा था कि ये अडिशनल सिक्योरिटी ऑफर करेगा, लेकिन अब एक सिक्योरिटी रिसर्चर ने सैमसंग के इस दावे को झूठा साबित कर दिया है। रिसर्चर ने यूजर के हाथ की 3D-प्रिंटिड कॉपी को बना कर फिंगरप्रिंट स्कैनिंग तकनीक को बेवकूफ बना दिया और गैलेक्सी S10 को अनलॉक कर दिखाया है।  

  • ऑनलाइन डिस्कशन वैबसाइट रैडिट पर darkshark9 नाम से इस रिसर्चर ने रिपोर्ट करते हुए बताया कि कैसे उन्होंने 3D प्रिंटेड फिंगरप्रिंट पैटर्न को एक ट्रांसपैरेंट स्ट्रिप पर रखा और इस स्ट्रिप को गैलेक्सी एस10 के इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर के ऊपर रख कर प्रैस किया। इसकी पोजीशन को जरा सा अजस्ट करते ही गैलेक्सी एस10 अनलॉक हो गया। 

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खतरे में पड़ सकता है यूजर का डाटा

forbes की रिपोर्ट के मुताबिक रिसर्चर ने बताया है कि अगर आपके स्मार्टफोन में पड़े डाटा को कोई एक्सैस करना चाहता है तो वे आपके फिंगरप्रिंट की 3D कॉपी को बना कर आपके डाटा तक पहुंच बना सकता है। वहीं अगर आपका स्मार्टफोन चोरी होता है तो आपके फिंगरप्रिंट से जुड़ा डाटा पहले ही फोन में सेव रहता है जिससे हाई-प्रोफाइल व्यक्ति को नुक्सान पहुंच सकता है। ऐसे में अगर कोई आपके फोन को चोरी करता है तो वो सिर्फ आपके पर्सनल डाटा पर ही नहीं बल्कि आपके बैंक अकाउंट और यहां तक की फिंकरप्रिंट ID से जुड़ी जानकारी तक पहुंच बना सकता है जिससे यह तकनीक यूजर के लिए खतरा बन सकती है। 

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कैसे काम करता है अल्ट्रासोनिंक फिंगरप्रिंट रीडर

गैलेक्सी S10 में दी गई अल्ट्रासोनिंक फिंगरप्रिंट टैक्नोलॉजी 2D इमेज की बजाए 3D इमेज कैप्चर करती है वहीं फिंगर के प्रोैशर को भी जांचती है, लेकिन तब भी यह पूरी तरह से सिक्योर तकनीक नहीं है। 

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क्या कहते हैं सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स

सिक्योरिटी और प्राइवेसी की बात की जाए तो सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स ने फिंगरप्रिंट स्कैनर से PIN और पासवर्ड वाली तकनीक को ज्यादा सिक्योर बताया है। उनका कहना है कि इन दोनों ही तकनीकों का उपयोग करते समय यूजर्स को पैटर्न्स और कोड को याद रखने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में कुछ लोग तो फोन पर लॉक लगाना पसंद ही नहीं करते है, लेकिन यह काफी बेहतर तकनीक है और इन्हें तोड़ पाना फेस अनलॉक या फिंगरप्रिंट रिकोग्निशन तकनीक से मुश्किल है। 

  • आपको बता दें कि सैमसंग गैलेक्सी S10 स्मार्टफोन को लॉन्च करते समय सैमसंग ने इसके इन डिस्प्ले फिंगरप्रिंट स्कैनर को एक बड़ा फीचर बताया था। इसे यूजर की सहुलियत के लिए स्क्रीन के अंदर ही लाया गया था। कम्पनी ने बताया था कि ये अडिशनल सिक्योरिटी ऑफर करेगा लेकिन अब एक रिसर्चर ने यह तकनीक कितनी सिक्योर है इसका पर्दाफाश कर दिया है। 

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