दुनिया का पहला सफल लिंग ट्रांसप्लांट, घायल सैनिक को मिली नई जिंदगी

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Tuesday, April 24, 2018-5:00 PM

गैजेट डेस्क : अमरीका की जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के सर्जन्स ने दुनिया में पहली बार पूरे लिंग और अंडकोश का प्रत्यारोपण कर एक नई उपलब्धि को हासिल किया है। इस प्रत्यारोपण से अफगानिस्तान में घायल हुए यूएस सशस्त्र सेवाओं के एक सैनिक को नई जिंदगी मिली है। इस प्रक्रिया में पहली बार पूरे लिंग, एब्डोमिनल वॉल, स्क्रोटम को एक मृत व्यक्ति से सैनिक में ट्रांसप्लांट किया गया है। डॉक्टरों को उम्मीद है कि यह मरीज जल्द अपने पैरों पर चलना शुरू कर देगा व इसी हफ्ते के अंदर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।

14 घंटों तक लगातार चला ऑपरेशन
एनगैजेट की रिपोर्ट के मुताबिक इस ऑपरेशन में 9 प्लास्टिक सर्जन्स व 2 यूरोलॉजिकल सर्जन्स ने साथ मिल कर काम किया है और यह 14 घंटों तक लगातार चला। ऑपरेशन के बाद प्राप्तकर्ता ने कहा है कि अब वो काफी नार्मल अनुभव कर रहा है व उसे उम्मीद है कि वह जल्दी पूरी तरह से पहले की तरह ठीक हो जाएगा। 
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इन कारणों के चलते किया गया प्रत्यारोपण 
दुश्मन का सामना कर रहे सैनिक को चोट लगने पर उसकी कीमती जान को बचाने का पूरा प्रयास किया जाता है लेकिन लिंग या इसके आस पास चोट लगने से उसे बचाना असंभव सा लगने लगता है जिस वजह से सर्जन्स ने इस प्रत्यारोपण को काफी अहम बताया है। 

 

मरीज़ को इन्फैक्शन से बचने के लिए लिया गया अहम फैसला
इस प्रत्यारोपण में मरीज की स्किन, मसल, टैंडोन्स, नर्वस बोन्स और यहां तक की ब्लड वैसल्स को भी बदला गया है। हैरानी की बात तो यह है कि इस दौरान जो टिश्यूज़ का इस्तेमाल किया गया है वह भी मरीज के शरीर से ही निकाले गए ताकि रोगी को इन्फैक्शन होने से बचाया जा सके।

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पहली बार इतने बड़े एरिए का किया गया ट्रांसप्लांट
जॉन्स हॉपकिंस जीनिटोरिनरी ट्रांसपलांट प्रोग्राम के क्लीनिकल डायरैक्टर रिचर्ड पैडिट (Richard Redett) ने द वर्ज को बताया है कि यह पहली बार हुआ है कि डॉक्टर्स ने मानवीय शरीर के इतने बड़े एरिए को ट्रासप्लांट किया है। इसमें लोअर अबडोमन, पूरा लिंग और अंडकोश की थैली को मृत रोगी से निकाल कर बदला गया है। डॉक्टर फिलहाल मरीज़ द्वारा मूत्र की प्रक्रिया सहीं तरीके से काम कर रही है इसका पता लगा रहे हैं। लेकिन उनका कहना है कि सैंसेशन को पुन प्राप्त करने में रोगी को 6 महीनों का समय लग सकता है। 

 

विस्फोटक उपकरण की चपेट में आने से घायल हुआ था सैनिक
न्यू यॉक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक जिस रोगी का प्रत्यारोपण किया गया है वह अफगानिस्तान में विस्फोटक उपकरण की चपेट में आने से घायल हुआ था। उसकी टांगे, लिंग, अंडकोश की थैली और लोयर अबडोमन ने पूरी तरह से काम करना बंद कर दिया था। जिस वजह से इस 24 वर्षिय रोगी का प्रत्यारोपण किया गया है। 
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