एप्पल यूजर्स की बढ़ी परेशानी, स्क्रीन रिप्लेस करने पर ठीक नहीं हो रहे iPhone

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Thursday, April 12, 2018-6:48 PM

जालंधर : एप्पल यूजर्स की परेशानियां दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं। आईफोन में स्लो प्रोसैसिंग व बैटरी बैकअप की समस्या आने के बाद अब एक ऐसी मुसीबत सामने आ खड़ी हुई है जिसने यूजर्स के साथ-साथ मोबाइल रिपेयरर्स की मुसीबतों को भी बढ़ा दिया है। मोबाइल रिपेयरिंग सैंटर्स से टूटी हुई स्क्रीन को नई जैनुइन स्क्रीन के साथ बदलने के बाद भी यह ऑटोमैटिक ब्राइटनैस को स्पोर्ट नहीं कर रही है। जबकि इसी स्क्रीन को अगर कम्पनी के ऑफिशियल सैंटर से डलवाया जाए तो यह सही काम करती है। इससे यह साफ जाहिर होता है कि कम्पनी ने पैसे कमाने के लिए मोबाइल्स रिपयरर्स के लिए जाल बिछाया था लेकिन अब वह खुद ही इसमें फंस गई है।

 

रिपेयर कम्युनिटी ने शेयर की जानकारी
रिपेयर कम्युनिटी ने जब पूरी दुनिया के मोबाइल रिपेयरर्स से इस इश्यू के बारे में पूछा तो पता चला कि आईफोन मॉडल्स को iOS 11.3 में अपडेट करने के बाद अमरीका से लेकर अस्ट्रेलिया तक यह समस्या देखी गई है और इससे आईफोन 8, 8 प्लस व आईफोन X प्रभावित हुए हैं। इससे यह पता चल गया कि एप्पल ने ही सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए इन आईफोन मॉडल्स में गड़बड़ की है।

 

नए आईफोन्स को खरीदकर की गई जांच
रिपेयर कम्यूनिटी के कुछ सदस्यों ने यह पता करने के लिए कि इसमें एप्पल का हाथ है या नहीं दो नए आईफोन्स खरीदे और उनकी डिस्प्लेस को जैनुइन डिस्प्ले के साथ बदला। ऐसा करने पर उन्होंने देखा कि आईफोन का एम्बियंट लाइट सैंसर काम नहीं कर रहा है। जिससे यह सबित हो गया कि एप्पल ने आईफोन्स में बग डाल दिया है जो बाहर से जैनुइन स्क्रीन रिप्लेस करने पर उसे सही तरीके से काम नहीं करने दे रहा है। 

 

पहले भी मोबाइल रिपेयरर्स के विरूद्ध जा चुकी एप्पल
एप्पल ने आईफोन 5S में पहली बार Touch ID फीचर को लॉन्च किया था। उस समय 3rd पार्टी मोबाइल रिपेयरर्स ने पता लगा लिया था कि फिंगरप्रिंट सैंसर खराब होने पर अगर उसे नए के साथ बदला जाता है तो इससे Touch ID काम करना बंद कर देती है। विश्लेषण करने पर पता चला था कि आईफोन में  "Error 53" आ जाने से फिंगर प्रिंट सैंसर को बदलने के बाद यह फोन में काम नहीं करता है। ऐसे में एप्पल ने अपने -आप को बचाते हुए कहा था कि सेक्योरिटी टैस्ट करते समय यह एरर आईफोन्स में आया है। आप फोन को रिस्टोर कर इस एरर को फिक्स कर सकते हैं। ऐसा कहते हुए उस समय एप्पल ने अपने आप को बचा लिया था। 

 

5 वर्षों में सामने आई सच्चाई
एप्पल Touch ID व Face ID सैंसर को रिप्लेस करने के लिए Horizon नाम की एक मशीन का उपयोग करती है। यह मशीन यह बताने में मदद करती है कि फोन के सभी पार्ट्स एक दूसरे के साथ सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं। एनगैजेट की रिपोर्ट के मुताबिक एप्पल ने इन मशीन की शिपिंग शुरू कर दी है और पिछले वर्ष यह मशीन करीब 4,800 ऑथोराइजड़ सर्विस प्रोवाइडरों तक पहुंचाई गई है, लेकिन कम्पनी अन्य रिपेयर शॉप्स से इस बात को छुपाए हुए हैं। स्मार्टफोन रिपेयरर्स आईफोन को ठीक करने के लिए अपने पास तो रख लेते हैं लेकिन उनके पास वो मशीन ही नहीं है जिससे वह ठीक होगा यह उन्हें पता नहीं हैं। 

 

रिपेयरर्स ने कम्पनी से पूछा ऐसा क्यों?
रिपेयरर्स का कहना है कि पिछले 5 वर्षों से वह इस बात को जानने में लगे थे कि आईफोन 5S की डिस्प्ले को सेम ऑरिजनल डिस्प्ले के साथ बदलने से फोन का Touch ID सैसंर काम करना क्यों बंद हो जाता है। उन्होंने कम्पनी से पूछा है कि फोन को सही ठीक ना कर पाने से उन्हें अपना भविष्य काफी डरावना लग रहा है। कुछ अन्य रिपेयरर्स ने कहा है कि एप्पल ने हमें मुसीबत में डाल दिया है। हम इस इश्यू को लेकर कम्पनी से बात करना चाहते हैं। 

 

इन दिनों सबसे ज्यादा गर्माया हुआ "right to repair" मुद्दा
आपको बता दें कि बीते कल "right to repair" मुद्दा सबसे ज्यादा गर्माया हुआ था। अमरीकी सरकारी FTC (फ्रैड्रल ट्रेड कमिशन) ने 6 कम्पनियों को 3rd पार्टीज़ द्वारा प्रोडक्ट की रिपेयरिंग को रोकने के लिए उठाए गए कदमों पर चेतावनी जारी कर दी है। उनका कहना है कि स्मार्टफोन को सिर्फ सर्विस सैंटर से ही ठीक करने पर प्रोत्साहन देने व बाहर से रिपेयर करवाने से रोकना गैरकानूनी है।

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