दूसरे परीक्षण में हाइपरलूप वन ने पकड़ी 310 km/h की टॉप स्पीड

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Monday, August 07, 2017-2:16 PM

जालंधर : रेल और बस से कहीं बेहतर उच्च गति परिवहन प्रणाली हाइपरलूप वन ने अपने पहले पैसंजर पोड के प्रोटोटाइप का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। इस XP-1 नामक फस्ट जनरेशन पॉड को 300 मीटर तक मैगनैटिक लीविटेशन वाले ट्रैक पर दौड़ाया गया जहां इसने 310 km/h (192 mph) की स्पीड तक पहुंच कर एक नई उपलब्धि को हासिल किया है। 

लो प्रैशन ट्यूब से मिली एक्सीलेरेशन
हाइपरलूप तकनीक में लीनियर इलैक्ट्रिक मोटर को लो प्रैशन ट्यूब में बिजली की स्पलाई की जाती है और मैगनैटिक लीवीटेशन (magnetic levitation) की मदद से पैसंजर पोड आगे की और एक्लरेट होते हुए स्पीड पकड़ लेता है। आपको बता दें कि लीनियर मोटर तकनीक में एक से ज्यादा मोटरों को एक लूप में लगाया जाता है जिससे कम समय में तेज़ रफ्तार पकड़ने में मदद मिलती हैं वहीं मैग्नैटिक लेविटेशन तकनीक पैसंजर पोड को ग्राउंड से उपर कर देती है जिससे पैसंजर पोड बिना किसी रुकावट के स्पीड पकड़ लेता है।

टैस्ट के लिए बनाया गया 500 मीटर का खास ट्रैक
इस खास टैस्ट को अमरीका के नेवादा रेगिस्तान (nevada desert) में 500 मीटर के ट्रैक पर किया गया। हाइपर लूप वन के कार्यकारी अध्यक्ष और सह-संस्थापक शेरविन पिशेर (shervin pishevar) ने कहा है कि परिवहन के एक नए युग की यह शुरुआत है। हमने 310 किलोमीटर प्रति घंटा की ऐतिहासिक गति तक पहुंचने में सफलता हासिल की है। हमने XP-1 को हाइपरलूप वन ट्यूब से पास किया है और इस दौरान हमने भविष्य की आवाज सुनी है। हाइपरलूप वन के सीईओ रोब लोयड (rob lloyd) ने कहा है कि हमने सिद्ध किया है कि हमारी तकनीक काम करती है और अब हम अपनी इस हाइपरलूप टैक्नोलॉजी को लेकर अपने भागीदारों और सरकारों के साथ बातचीत करने के लिए तैयार हैं।

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