वैज्ञानिकों ने खोजी नई तकनीक, अब जल्दी नहीं पिघलेगी आइसक्रीम

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Tuesday, August 08, 2017-5:19 PM

जालंधर- वर्तमान समय में टेक्नोलॉजी इतनी विकसित होे गई है कि हमारे जीवन के कई काम अासान होते जा रहे है। इसी के तहत जापान में वैज्ञानिकों ने एक एेसी तकनीक को विकसित किया है जिससे अब अापको आइसक्रीम खाते समय उसके  पिघलने के डर से जल्दी-जल्दी नहीं खानी पड़ेगी। 

ये है तकनीक 

जापान में कनज़ावा विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने आइसक्रीम का मेल्टिंग प्वाइंट बढ़ाकर उसका आकार बरकरार रखने का तरीका खोज लिया है। मेल्टिंग प्वाइंट वह तापमान होता है जिस पर कोई ठोस पदार्थ द्रव में पिघलने लगता है। वैज्ञानिकों ने स्ट्रॉबेरी से निकलने वाले पॉलीफिनोल द्रव के साथ मिलाकर यह आइसक्रीम बनाई है। 

कनज़ावा विश्वविद्यालय की प्रोफेसर तोमिहिसा ओता के हवाले से कहा गया है, ‘‘पॉलीफिनोल द्रव में ऐसे गुण होते हैं जिससे पानी और तेल को अलग करना मुश्किल हो जाता है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस द्रव वाली आइसक्रीम लंबे समय तक अपने मूल आकार में बने रहेगी और जल्दी नहीं पिघलेगी.’’

 

वहीं रिपोर्ट के मुताबिक, आइसक्रीम बिना पिघले कमरे के तापमान में तीन घंटे तक रखी जा सकती है। शोधकर्ताओं ने आइसक्रीम का टेस्ट करने के लिए पांच मिनट तक इस पर हेयर ड्रायर चलाया और वह अपने आकार में ही रही। वहीं यह अनोखी आइसक्रीम चॉकलेट, वनीला और स्ट्रॉबेरी फ्लेवर में उपलब्ध है।

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