आपातकालीन समय में सैन्य बलों तक 236 किलोग्राम सामान पहुंचाएगा AACUS हैलीकॉप्टर

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Monday, May 21, 2018-5:23 PM

- समय पर इलाज करने में मिलेगी मदद

जालंधर : अमरीकी ऐरोनॉटिक्स रिसर्च कम्पनी अयूरोरा फ्लाइट साइंस ने LiDAR तकनीक से लैस ऐसे हैलीकॉप्टर को पहली बार दिखाया है जो आपातकालीन समय में सैन्य बलों तक जरूरी सामान को पहुंचाएगा जिससे सैनिक व लोगों की जिंदगी को बचाने में काफी आसानी होगी। नई तकनीक पर आधारित इस हैलीकॉप्टर को AACUS (ऑटोनोमस एरियल कार्गो/ यूटिलिटी सिस्टम) नाम दिया गया है जोकि UH-1H हैलीकॉप्टर पर आधारित है।

 

इस हैलीकॉप्टर ने पहली बार में ही 236 किलोग्राम तक कार्गो को उठा कर ट्रेनिंग एक्सरसाइज के दौरान किए जा रहे कार्गो मिशन को पूरा किया है। इस मिशन में ईंधन, पानी, दवाओं व चिकित्सा से जुड़े सामान को अमरीकी राज्य कैलिफोर्निया में अमरीकी समुद्री सैन्य दल तक पहुंचाया गया है। खास तौर पर इसे अमरीकी सशस्त्र बलों द्वारा क्षेत्र में सैन्य सहायता करने के लिए बनाया गया है ताकि न्यूनतम खतरे में कर्मचारियों तक सामान पहुंचाया जा सके।

 

बिना पायलट के भी उड़ाया जा सकता है हैलीकॉप्टर

AACUS सिस्टम पर आधारित इस हैलीकॉप्टर को पूरी तरह से ऑटोनोमस बनाया गया है यानी इसे पायलट के साथ व बिना पायलट के एक रिमोट या टैबलेट के जरिए भी उपयोग में लाया जा सकता है। इसमें LiDAR, कैमरे और ऑनबोर्ड कम्प्यूटर दिया गया है। इसके अलावा सिस्टम को एडवांस्ड एल्गोरिदम से तैयार किया गया है जो बिना पायलट के इसे आसानी से उड़ान भरने व लैंड करवाने में मदद करती है। 

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चलाने के लिए बस न्यूनतम प्रशिक्षण की जरूरत

AACUS तकनीक का उपयोग करना काफी आसान है और इसके लिए केवल न्यूनतम प्रशिक्षण करने की जरूरत पड़ेगी। इसे टैबलेट से आसानी से टेक ऑफ करने, रास्ते का पता लगाने, रुकावटों को पार करते हुए आगे बढ़ने व ऑनबोर्ड सैंसर्स की मदद से लैंड करवाने में मदद मिलती है।

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हैलीकॉप्टर में लगाए गए सैंसर्स  

इस हैलीकॉप्टर में लगाए गए खास सिस्टम को सैंसर्स के साथ जोड़ा गया है जो यह पता लगाते हैं कि जिस जगह हैलीकॉप्टर को लैंड करवाया जा रहा है वह जगह पर्याप्त है भी या नहीं। इसके अलावा सैंसर्स की मदद से एक नया विकल्प खोजने में भी मदद मिलती है। इस नए सिस्टम के जरिए वर्टिकल फ्लाइट टैक्नोलॉजी में बेहतरीन सुधार करने को लेकर AHS (अमेरिकन हैलीकॉप्टर सोसाइटी) ने हावर्ड हुगहीज अवार्ड से इस सिस्टम को नवाजा है।

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बोइंग की स्वामित्व वाली कम्पनी अयूरोरा ने इसके प्रशिक्षण को पूरा कर लिया है। अब अमरीकी समुद्री सैन्य दल इस पर अन्य ट्रायल करेगा और इसे पूर्ण रूप से चलाना सीखेगा, जिसके बाद अमरीकी सेना इसे खरीदने के बारे में सोचेगी। इसे एक बड़ी उपलब्धि कहा जा सकता है लेकिन अभी फिलहाल इस पर टैस्टिंग ही जारी है। 

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