Apple पर लगा ड्यूल कैमरा टेक्नोलॉजी को चुराने का संगीन आरोप

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Sunday, August 18, 2019-4:02 PM

गैजेट डेस्क : साल 2017 में ऐप्पल पर इजरायल स्थित कैमरा टेक्नोलॉजी कंपनी Corephotonics ने मुकदमा दायर किया था।  इस मुकदमे के अनुसार, कंपनी ने Apple पर लाइसेंस के बिना उसकी टेक्नोलॉजी पेटेंट का उपयोग करने का आरोप लगाया। इन पेटेंट्स का संबंध आईफोन 7 प्लस और आईफोन 8 प्लस पर ड्यूल कैमरों और ज़ूम फीचर्स से रिलेटेड था। 


Corephotonics ने Apple को मुक़दमे में दोबारा घसीटा

 

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 स्त्रोत : पेटेंटली एप्पल 

 

अब Corephotonics ने एक बार फिर एक नया मुकदमा दायर किया है जिसमें दावा किया गया है कि Apple ने iPhone 7 प्लस की रिलीज़ के बाद से 10 प्रोडक्ट्स के पेटेंट्स को इन्फ्रिंज़ किया है जिसमें  iPhone 8 Plus, iPhone X, iPhone XS and iPhone XS Max शामिल हैं। 

 

इजरायल की कंपनी के अनुसार दोनों Corephotonics और Cupertino कम्पनियाँ 2012 से इस मुद्दे पर बातचीत कर रहे हैं। वर्षों से कंपनी ने एप्पल की इंजीनियरिंग टीम के साथ ड्यूल कैमरा पर विस्तार से चर्चा की है। वास्तव में ऐप्पल को 2012 में फाइव-एलिमेंट टेलीफोटो लेंस तक एक्सेस दिलवा दी थी। इसके साथ ही 2014 में लेंस और टेस्ट बोर्ड की पेशकश की गई थी। 

 

कोरफोटोनिक्स ने लेंस डिजाइन, सिस्टम प्रोटोटाइप और सॉफ़्टवेयर सिम्युलेटर वाले ब्लैक बॉक्स सिमुलेशन फ़ाइलों की भी पेशकश की थी इस मुक़दमे में यह भी आरोप लगा है कि आज के आईफ़ोन में कैमरा मॉड्यूल विकसित करने के लिए यह महत्वपूर्ण फीचर था।

 

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2016 में जब Apple ने iPhone 7 Plus को ड्यूल कैमरा के साथ लॉन्च किया तो इसने Corephotonics के साथ कोई करार नहीं किया था और जब कंपनी पार्टनरशिप के लिए आगे आई  तो उसे कोई सफलता नहीं मिली। नवंबर 2017 में कंपनी ने आईफोन 7 प्लस और आईफोन 8 प्लस पर कैमरा मॉड्यूल की जांच की। Corephotonics ने तब पहला पेटेंट उल्लंघन का मुकदमा दायर किया था जिसमें दावा किया गया था कि उन फोन पर इस्तेमाल की जाने वाली जूम तकनीक उनके द्वारा की हुई पेटेंट है। तब दूसरा मुकदमा अप्रैल 2018 में दायर किया गया था जिसमें  iPhone X को लक्षित किया गया था।  

 

अब नवीनतम मुकदमा iPhone XS और iPhone XS Max को टारगेट करता है। बता दें कि कंपनी यह भी दावा कर रही है कि एप्पल पेटेंट के उल्लंघन के बारे में पूरी तरह से अवगत है फिर उसने पेटेंट उल्लंघन करते हुए इस तकनीक को चुराया। इस पूरे मामले में दिलचस्प बात यह है कि कोरोफोटोनिक्स को सैमसंग द्वारा $ 150 मिलियन के सौदे में कथित रूप से एक्वायर किया गया था। हालांकि, कंपनियों में से किसी ने अधिग्रहण से संबंधित कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। फिलहाल इस मामले में एप्पल का पक्ष आना बाकी है। 


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