माइक्रोसॉफ्ट ने स्कॉटलैंड के तट पर पानी के नीचे तैनात किया पहला डाटा सैंटर

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Sunday, June 10, 2018-10:14 AM

जालंधर : कम्प्यूटर को ओवरहीटिंग से बचाने के लिए ज्यादा तर लिक्विड कूलिंग सिस्टम का उपयोग होता है। डाटा सैंटर्स को ठंडा करने के लिए भी यही तकनीक उपयोग में लाई जाती है जिसमें काफी पैसे खर्च होते हैं। माइक्रोसॉफ्ट ने इसका एक विकल्प निकाल लिया है। कम्पनी ने डाटा सैंटर्स से युक्त वटरटाइट सिलैंड्रिकल सैल बनाया है जिसे स्कॉटलैंड के तट पर पानी के नीचे तैनात किया गया है। कम्पनी ने 12 मीटर लम्बे प्रोटोटाइप को बनाया है जिसमें 864 सर्वर्स लगाए गए हैं जिन्हें 12 सर्वर रैक्स में लोड किया गया है। इसे 36 मीटर पानी के अंदर रखा जाएगा। 

 

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वटर टाइट सिलेंड्रिकल सैल:


इस नैटिक (Natick) नामक प्रोजैक्ट में वटरटाइट सिलैंड्रिकल सैल को ठंडा करने के लिए पाइप्स लगाई गई हैं जो सर्वर रैक्स पर लगाए गए  रेडिएटर तक पहुंच कर इन्हें ठंडा करने में मदद करती हैं। इस डाटा सैंटर को माइक्रोसॉफ्ट ने फ्रेंच समुद्री विनिर्माण कम्पनी नैवल ग्रुप (Naval Group) के साथ मिल कर तैयार किया है। यह सैंटर फाइबर ऑप्टिक केबल के जरिए कनैक्ट रहेगा और ज्यादा तर पावर ऑर्कनी द्वीप समूह (Orkney Islands) में लगे विंड टर्बाइन से ही लेकर काम करेगा। 

 

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बिना मेंटेनेंस के 5 वषों तक कर सकेंगे उपयोग:


टीम ने बताया है कि इस प्रोजैक्ट Natick के तहत अंडर वाटर डाटा सैंटर्स पूरी तरह से आत्मनिर्भर हैं। इन्हें ऑफशोर विंड टर्बाइन, वेव्स और टाइडल जनरेटर्स से बिजली पैदा कर उपयोग में लाया जाएगा व इसके जरिए सुपर फास्ट इंटरनैट और क्लाउड सर्विसेज दी जाएंगी। इसे खास तौर पर 5 वर्ष बिना किसी भी तरह की मेंटेनेंस के उपयोग में लाने के लिए बनाया गया है। इसकी निर्माता टीम अगले 12 महीनों तक इसकी मॉनीटरिंग करेगी। इस समय में परफोर्मेंस, पावर कन्सप्शन, साऊंड हुमडिटी और टैम्परेचर की जानकारी को टैस्ट किया जाएगा।

 

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