कोर्ट में आमने सामने होंगी एप्पल व क्वालकॉम

  • कोर्ट में आमने सामने होंगी एप्पल व क्वालकॉम
You Are HereTop Stories
Monday, December 3, 2018-5:43 PM

- पेटेंट रॉयल्टी विवाद के खत्म होने की संभावना

गैजेट डैस्क : एप्पल व क्वालकॉम के बीच चल रहा आईफोन पेटेंट रॉयल्टी का विवाद अब कोर्ट तक पहुंच गया है। कैलिफोर्निया के शहर सैन डिआगो में फैड्रल जज गोंज़ालो कुरियल ने दोनों कम्पनियों को अगले साल 15 अप्रैल को कोर्ट में सुनवाई के लिए बुलाया है। अफवाहें हैं कि इस दौरान सैटलमेंट हो सकती है। एप्पल ने कहा है कि वह काफी स्ट्रैस में है। दोनों पक्षों के बीच किसी भी तरह की कोई बातचीत नहीं हुई है व दोनों तरफ के प्रतिनिधी काफी समय से एक दूसरे से मिले भी नहीं हैं। 

  • आपको बता दें कि क्वालकॉम फरवरी के महीने में इस मामले पर सुनवाई चाहती थी लेकिन जज ने मामले की जटिलता को देखते हुए निर्धारित किया कि इस मुद्दे पर वार्तलाप करने के लिए थोड़ी देरी आवश्यक है।

PunjabKesari

क्या था मामला

यह मामला वर्ष 2017 में सामने आया जब एप्पल ने पेटेंट रोआलिटी का क्वालकॉम पर आरोप लगाया और कहा कि क्वालकॉम ने उनके द्वारा पेटेंट करवाई गई सैलुलर टैक्नोलॉजी का उपयोग किया है। वहीं क्वालकॉम ने कहा कि एप्पल ने एशियन कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर जो आईफोन बनाते हैं, उन्हें क्वालकॉम को रोआलिटी देने से रोका है और उनकी चिप्स को नए आईफोन्स में देना बंद कर दिया है।

PunjabKesari

एप्पल का आरोप

इसके बाद क्वालकॉम ने अमरीका, जर्मनी और चीन में आईफोन को इम्पोर्ट होने से रोकने की मांग की जिसके बाद एप्पल द्वारा क्वालकॉम पर ट्रेड सीक्रेट्स की पोल खोलने व इन्हें इंटेल को सप्लाई करने को लेकर केस दायर किया गया। आरोप है कि क्वालकॉम को दो बार उनकी बौद्धिक सम्पदा को लेकर भुगतान किया जा चुका है। इनमें से एक बार उस समय किया गया जब पेटेंट को लेकर लाइसैंस लिया गया था वहीं दूसरी बार जब सैलुलर मॉड्रन चिप्स को बेचा गया था। 

PunjabKesari

काफी लम्बा चला विवाद

यह विवाद भी वैसी ही लम्बी लड़ाई का हिस्सा है जैसे कि 7 साल तक एप्पल और सैमसंग के बीच चली था। आपको बता दें कि एंटीट्रस्ट इश्यूज को लेकर फैडरल ट्रेड कमीशन ने क्वालकॉम को 4 जनवरी को ट्रायल देने को कहा है। माना जा रहा है कि इस नए मुद्दे के सामने आने के बाद क्वालकॉम के अंतिम परिणाम प्रभावित हो सकते हैं। 


यहाँ आप निःशुल्क रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, भारत मॅट्रिमोनी के लिए!Edited by:Hitesh