सुरक्षित नहीं है वेन ऑथेंटिकेशन तकनीक, हैकर्स ने आसानी से तोड़ दिखाई फिंगरप्रिंट सिक्योरिटी

  • सुरक्षित नहीं है वेन ऑथेंटिकेशन तकनीक, हैकर्स ने आसानी से तोड़ दिखाई फिंगरप्रिंट सिक्योरिटी
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Thursday, January 3, 2019-5:53 PM

गैजेट डैस्क : डाटा को हैक होने से बचाने के लिए दुनिया भर में बायोमैट्रिक सिक्योरिटी का उपयोग किया जाता है, लेकिन अब इससे भी एक कदम उपर की तकनीक वेन ऑथेंटिकेशन को हैकर्स ने असुरक्षित करार दिया है। हैकर्स ने वैक्स से ऐसा हाथ बनाया है जो आसानी से इस सिक्योरिटी को तोड़ देता है जिससे डाटा के साथ खिलवाड़ हो सकता है। 

  • आपको बता दें कि वेन ऑथेंटिकेशन को सबसे ज्यादा जर्मनी में उपयोग किया जा रहा है लेकिन अब यह तकनीक भी असुरक्षित साबित हो गई है। 

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कैसे काम करती है वेन ऑथेंटिकेशन

वेन ऑथेंटिकेशन में फिंगरप्रिंट की स्कैनिंग के अलावा कम्पयूटर से उंगली की शेप, साइज और हाथ की त्वचा के नीचे मौजूद नसों की पोजिशन को स्कैन किया जाता है। वैसे तो यह तकनीक फिंगरप्रिंट स्कैनिंग से उपर है लेकिन इसे भी अब असुरक्षित बता दिया गया है। 

पहली बार दिखाए गए वैक्स से बने हाथ

जर्मनी के शहर Leipzig में आयोत कीओस कम्यूनिकेशन कांग्रेस में हैकर्स ने वैक्स से बने इन फेक हैंड्स को दिखाया। प्रदर्शनी में जन क्रिस्लर और जूलियन अल्ब्रेक्ट ने दिखाया कि कैसे यह वैक्स से बने हाथों ने हिताची व फुजित्सु द्वारा बनाए गए स्कैनर्स को बाइपास कर दिया है। 

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15 मिनट में बनता है वैक्स हैंड

इस वैक्स हैंड को बनाने के लिए बस यूज़र के हाथ की एक तस्वीर चाहिए जिसके बाद सिर्फ 15 मिनट में इसे तैयार किया जा सकता है। वेन ऑथेंटिकेशन तोड़ने के लिए 30 दिनों तक इसका इस्तेमाल कर सकते है। आपको बता दें कि फिलहाल वेन स्कैनिंग तकनीक को स्मार्टफोन्स में नहीं इस्तेमाल किया गया है और पहले ही इसकी असुरक्षता को लेकर रिपोर्ट सामने आ गई है। 


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