अस्थमा के मरीजों के लिए बनाया गया दुनिया का पहला डिजीटल इनहेलर

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Thursday, November 09, 2017-1:19 PM

जालंधर : श्वास से जुड़ी अस्थमा जैसी बीमारी का मुकाबला करने के लिए लोग इनहेलर का उपयोग करते हैं लेकिन तबीयत के ज्यादा खराब होने पर कई बार रोगी इनका उपयोग करने के लिए सही दबाव नहीं बना पाता जिस वजह से पूरी दवा शरीर तक नहीं पहुंचती। इसी बात पर ध्यान देते हुए दुनिया का पहला डिजीटल इनहेलर बनाया गया है जो जरूरत पड़ने पर ऑटोमैटिकली दवा की पूरी मात्रा को शरीर तक पहुंचा देगा जिससे रोगी को नाजुक स्थिति में भी दवा लेने में मदद मिलेगी। इस डिजीटल मिस्ट इनहेलर को उत्तरी कैरोलिना के एक टाऊन बून की फार्मास्यूटिकल कम्पनी पैन्यूमा रैस्पिरेटरी ने विकसित किया है। कम्पनी ने दावा किया है कि यह मुश्किल समय में पूरी दवा को सही तरीके से शरीर के अंदर पहुंचा देगा। सेहत के खराब होने पर अस्थमा के मरीज के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं होगा।

 

इनहेलर में लगा है इलैक्ट्रॉनिक इंजैक्टर
कम्पनी ने बताया है कि जिन साधारण इनहेलर का लोग उपयोग करते हैं उन्हें मैनुअली दबाने से श्वास द्वारा दवा धुंध के जरिए फेफड़ों तक पहुंचती है लेकिन सही समय पर पूरी दवा के शरीर में न पहुंचने पर समस्या हो सकती है। यह डिजीटल इनहेलर यूजर के सांस लेने पर उसे सैंस करेगा और ऑटोमैटिकली इलैक्ट्रॉनिक इंजैक्टर की मदद से दवा को धुंध के जरिए शरीर तक पहुंचा देगा, जिससे पूरी दवा शरीर को मिलेगी और रोगी को जल्द ही आराम मिलेगा।

 

स्मार्टफोन पर मिलेगी पूरी जानकारी
इस डिजीटल इनहेलर को स्मार्टफोन के साथ भी कनैक्ट किया जा सकता है जिसके बाद यह फोन एप के जरिए स्मार्टफोन पर सारा रिकार्ड शो करने लगेगा। इस एप से डॉक्टर को भी यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि रोगी ने कब-कब कितनी मात्रा में दवा ली है और कब दवा को मिस किया है। इस डिजीटल इनहेलर को कब तक उपयोग में लाया जाएगा इसके बारे में फिलहाल कोई जानकारी सामने नहीं आई है। उम्मीद की जा रही है कि इसकी कीमत निर्धारित कर जल्द ही इसे आधिकारिक तौर पर पेश किया जाएगा।


 

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