व्हाट्सएप के बाद इन मैसेजिंग एप्स पर भी मंडरा रहा हैकिंग का खतरा

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Monday, November 11, 2019-1:01 PM

गैजेट डैस्क: अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो व्हाट्सएप पर प्राइवेसी का खतरा समझ कर किसी दूसरी चैटिंग एप्प का उपयोग करने लगे हैं तो आपको सावधानी बरतने की सख्त जरूरत है। एक स्पाइवेयर द्वारा व्हाट्सएप पर जासूसी होने की खबरों के बाद लोग टैलीग्राम और सिग्नल जैसी मैसेजिंग एप्स का उपयोग करने लगे हैं लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये एप्स भी सुरक्षित नहीं हैं। 

  • व्हाट्सएप में एक एंड-टु-एंड इनक्रिप्शन फीचर दिया जाता है जिसे बाइपास करते हुए हैकर्स ने Pegasus स्पाइवेयर से लोगों की जासूसी की है। शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर व्हाट्सएप को हैक किया जा सकता है तो ऐसी अन्य एप्स को भी आसानी से हैक कर पाना संभव है। यानी किसी चैटिंग एप्प को पूरी तरह सेफ नहीं कहा जा सकता। 

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टैलीग्राम में नहीं दी गई है एंड-टु-एंड इनक्रिप्शन

व्हाट्सएप द्वारा सिक्यॉरिटी ब्रीच का मामला सामने आने के बाद लोग टैलिग्राम और सिग्नल एप्प को काफी संख्या में उपयोग करने लगे हैं। जबकि टैलीग्राम में तो व्हाट्सएप के जैसी एंड-टु-एंड इनक्रिप्शन की सुविधा भी नहीं है। हालांकि इस पर 'सीक्रेट चैट' नाम का फीचर जरूर दिया गया है, जो थोड़ा सुरक्षित समझा जाता है।

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सामने आई टैलीग्राम एप्प की खामियां

मैसचुसट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टैक्नॉलजी (MIT) की हालिया रिसर्च रिपोर्ट में टैलिग्राम एप्प की खामियों का जिक्र किया गया है। इसमें बताया गया है कि टैलिग्राम खुद के स्वामित्व वाले मैसेजिंग प्रोटोकॉल MTProto का इस्तेमाल करती है। अगर किसी को भी इसके सिस्टम का कंट्रोल मिल जाएगा तो वह पूरे मेटाडेटा के साथ इनक्रिप्टेड मैसेजिस को भी हासिल कर सकता है। 'सीक्रेट चैट' फीचर का इस्तेमाल करने पर भी थर्ड पार्टी के लिए इसकी मेटाडेटा की जानकारी प्राप्त करना मुमकिन है।

 


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